Haryana News: हरियाणा के कुरुक्षेत्र की जाट धर्मशाला में बुधवार को विभिन्न किसान संगठनों की बैठक हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में हुई। बैठक में धान की खरीद पर लगाई गई 25 क्विंटल तक की सीमा, राइस मिलरों की हड़ताल, पोर्टल पर सत्यापन में आ रही दिक्कतों और दूसरे जिलों की मंडियों में फसल बेचने पर रोक को लेकर चर्चा की गई। किसान नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 4 अक्टूबर से पूरे हरियाणा में आंदोलन शुरू किया जाएगा।
किसान नेताओं ने कहा कि मंडियों में पिछले कई दिनों से धान पड़ा है, लेकिन खरीद व्यवस्था सुचारू नहीं होने से किसान परेशान हैं। उनका कहना है कि धान की पैदावार कई किस्मों में 40 क्विंटल तक होती है, ऐसे में 25 क्विंटल की सीमा से किसानों को नुकसान होगा। साथ ही राइस मिलरों का पंजीकरण नहीं होने से सरकारी खरीद प्रभावित हो रही है। बैठक में निर्णय लिया गया कि 4 अक्टूबर को प्रदेशभर की मार्केट कमेटियों में धरने दिए जाएंगे और मुख्यमंत्री के पुतले फूंके जाएंगे। आंदोलन मांगें पूरी होने तक जारी रखने की बात कही गई।
संबंधी समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई- किसान नेता
किसान नेता मनदीप नथवान, जगदीप औलख और अन्य नेताओं ने कहा कि किसानों की पूरी फसल खरीदी जाए और दूसरे जिले की सीमा से लगे 20 किलोमीटर क्षेत्र के किसानों को नजदीकी मंडी में फसल बेचने की अनुमति दी जाए। साथ ही डीएपी की उपलब्धता और पोर्टल संबंधी समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई।

