हरियाणा सरकार ने रविवार देर रात पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 20 आईपीएस और एचपीएस अधिकारियों के तत्काल प्रभाव से तबादले और नई नियुक्तियां कर दीं। गृह विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार प्रदेश के कई महत्वपूर्ण पदों पर नए अधिकारियों की तैनाती की गई है। इस फेरबदल में गुरुग्राम, करनाल, हिसार, पंचकूला और राज्य अपराध शाखा जैसे अहम विभाग शामिल हैं।
सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक सिबाश कबिराज को गुरुग्राम का नया पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे पंचकूला के पुलिस आयुक्त के साथ-साथ साइबर और SCRB का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे थे। वहीं अब तक गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर रहे विकास अरोड़ा को एडीजीपी प्रशासन, पुलिस मुख्यालय पंचकूला की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सीआईडी में आईजी के पद पर तैनात अशोक कुमार को करनाल रेंज का नया आईजी बनाया गया है। वहीं वर्तमान एडीजीपी करनाल रेंज डॉ. मट्टा रवि किरण को एडीजीपी सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो नियुक्त किया गया है।
हिसार रेंज में भी बड़ा बदलाव किया गया है। आईजीपी होमगार्ड एवं कानून-व्यवस्था कुलदीप सिंह को हिसार रेंज का नया आईजी नियुक्त किया गया है। वे के.के. राव का स्थान लेंगे। वहीं के.के. राव को एडीजीपी RTC भोंडसी की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा आईजीपी HAP मधुबन ओमप्रकाश को दक्षिण रेंज रेवाड़ी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वर्तमान आईजी नाजनीन भसीन को HAP मधुबन के साथ RTC भोंडसी का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।
एसपी स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां की गई हैं। सुरिंदर सिंह भोरिया को एसपी STF पंचकूला और एसपी कमांडो करनाल का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। अदिति सिंह को एसपी SV एवं ACB गुरुग्राम नियुक्त किया गया है। वहीं सिद्धार्थ धांडा को एसपी स्टेट क्राइम ब्रांच और पूजा डाबला को एसपी ERSS पंचकूला बनाया गया है।
अपराध शाखा और सीआईडी में भी बड़े स्तर पर बदलाव किए गए हैं। आईजीपी SCB पंचकूला राकेश कुमार आर्य को आईजीपी क्राइम ब्रांच नियुक्त किया गया है। डीआईजी HAP सुरिंदर पाल सिंह को डीआईजी CID बनाया गया है। वहीं डीआईजी SCB हामिद अख्तर को डीआईजी HAP मधुबन की जिम्मेदारी दी गई है।
सरकार की ओर से जारी इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करने और विभागीय कार्यप्रणाली में तेजी लाने के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इन अधिकारियों के कार्यभार संभालने के बाद कई जिलों और इकाइयों में नई रणनीति और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

