नई दिल्ली. बॉलीवुड गुरुवार, 8 अक्टूबर को मिली खबर से सदमे में है. दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन 75 साल की उम्र में उनके गोवा के घर पर हुआ. अंतिम संस्कार के लिए गुरुवार को ही उनको महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित उनके फार्महाउस में लाया जाएगा. यह जानकारी उनके सामाजिक संगठन ‘नाम फाउंडेशन’ के प्रतिनिधि ने दी है.
1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के साधारण परिवार में जन्में नाना के पार्थिव शरीर को गुरुवार शाम करीब 5 बजे पुणे लाया जाएगा. अंतिम दर्शन के लिए उनके पार्थिव शरीर को कुछ समय के लिए रखा जाएगा. पुणे में स्थित उनके फार्महाउस में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. नाना पाटेकर के सामाजिक संगठन ‘नाम फाउंडेशन’ के CEO गणेश थोरात ने बताया कि अभिनेता का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा. उनका फार्महाउस पुणे शहर के बाहरी इलाके में स्थित डोंजे में है.

नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव डोंजे में किया जाएगा. करीबी लोगों के मुताबिक यह नाना पाटेकर की इच्छा थी कि उन्हें अंतिम विदाई उनके गांव में ही दी जाए. इसी इच्छा को ध्यान में रखते हुए उनके अंतिम संस्कार की व्यवस्था पुणे स्थित उनके फार्महाउस में की गई है. नाना पाटेकर का जन्म महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मुरुड-जंजीरा में एक मराठी परिवार में हुआ था. उनका असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था. अभिनय की दुनिया में उन्होंने ‘नाना पाटेकर’ नाम से अपनी अलग पहचान बनाई.
नाना पाटेकर के परिवार में एक बेटा और पत्नी हैं. 1978 में उन्होंने नीलकांति पाटेकर से शादी की थी. पिछले कुछ सालों से दोनों एक दूसरे के साथ नहीं रह रहे थे. उन्होंने आपसी सहमति से अलग रहने का फैसला लिया था. नाना और नीलकांति के दो बेटे हुए थे. एक बेटे दुर्वासा की करीब ढाई साल की उम्र में बीमारी की वजह से मौत हो गई थी. दूसरे बेटे मल्हार पाटेकर फिल्म निर्माण और निर्देशन के क्षेत्र से जुड़े रहे हैं. नाना पाटेकर के निधन से फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है. गुरुवार को पुणे में राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी.

