Close Menu
    What's Hot

    ढिलवान कॉलेज के शिक्षकों ने गेट बंद करके किया विरोध…

    September 9, 2026

    Women’s Asia Cup 2026 : फाइनल में फिर होगी भारत-पाकिस्तान की टक्कर? जानें पूरा समीकरण | Sports

    September 9, 2026

    खराब हो जाएंगे जरूरी अंग…अंबाला में फैल रहा ऐसा रोग, डॉक्टर ने बताया बचने का तरीका

    September 9, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    • Privacy Policy
    • About Us
    • Contact Us
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Latest Hindi News, Delhi News (दिल्ली न्यूज),  aaj ki taaja khabar, Today Breaking News, Trending
    • होम
    • बड़ी ख़बर

      Delhi Traffic News: दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक ब्रिक्स समिट, 35 से ज्यादा सड़कों पर होगा असर, जानें ऑप्शनल रूट | Delhi

      September 9, 2026

      IMD Weather Update: आज दिल्ली में बढ़ेगी गर्मी ! हरियाणा-पंजाब में मौसम शांत, हिमाचल और उत्तराखंड में होगी बारिश | National

      September 9, 2026

      Satya Niketan Accident: सत्य निकेतन में हादसे के बाद CM रेखा का आदेश, बगल वाली इमारत होगी ध्वस्त, खाली कराए जा रहे आस-पास के PG | National

      September 8, 2026

      PM Modi Gujarat Visit: वडोदरा में PM मोदी ने दी ₹35 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट्स की सौगात, कांग्रेस पर भी खूब बरसे | National

      September 8, 2026

      लोअर बर्थ के नीचे बैग रखने पर किसका हक? जानें क्या है रेलवे के नियम?

      September 8, 2026
    • दुनिया
    • भारत
    • राजनीति
    • राज्य
    • खेल
    • टेक
    • मनोरंजन
    Wednesday, September 9
    SUBSCRIBE
    Latest Hindi News, Delhi News (दिल्ली न्यूज),  aaj ki taaja khabar, Today Breaking News, Trending
    Home»Breaking News»NAPA के कार्यकारी निदेशक सतनाम सिंह चहल ने पंजाब के मौजूदा हालात पर जताई चिंता
    Breaking News

    NAPA के कार्यकारी निदेशक सतनाम सिंह चहल ने पंजाब के मौजूदा हालात पर जताई चिंता

    परवेश चौहानBy परवेश चौहानAugust 18, 2026No Comments8 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram Copy Link
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp LinkedIn Pinterest Email Copy Link

    कैलिफोर्निया। नॉर्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन (NAPA) के कार्यकारी निदेशक सतनाम सिंह चहल ने पंजाब में बढ़ते पलायन, बेरोजगारी, नशे, कृषि संकट और युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता जताई है।

    चहल ने कहा कि पंजाब के बड़ी संख्या में युवा बेहतर शिक्षा और रोजगार की तलाश में विदेश जा रहे हैं। इसके चलते कई गांवों में घर तो हैं, लेकिन उनमें रहने वाले लोग विदेशों में बस चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति केवल पलायन का मुद्दा नहीं, बल्कि पंजाब के सामाजिक और आर्थिक भविष्य से जुड़ा गंभीर सवाल है।

    उन्होंने सरकारों से अपील की कि युवाओं के लिए स्थायी रोजगार, बेहतर औद्योगिक अवसर, किसानों के लिए सुरक्षित आय और नशे की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने पर गंभीरता से काम किया जाए।

    चहल ने कहा कि पंजाब को सिर्फ घोषणाओं और नारों की नहीं, बल्कि ईमानदार नीतियों और जमीन पर दिखाई देने वाले बदलाव की जरूरत है।

    पंजाब को कभी पांच दरियाओं, उपजाऊ खेतों, खुले दिल और निडर लोगों की धरती कहा जाता था। आज भी यहां दरिया बहते हैं, खेत लहलहाते हैं और नारों की गूंज सुनाई देती है। लेकिन इन सबके बीच पंजाब के भीतर कुछ ऐसा है, जो धीरे-धीरे और चुपचाप दम तोड़ रहा है।

    “कई दरियावां ने पंजाब नूं मेरे,
    कि सांस वी हुण सिसकियां भरदे ने।”

    ये पंक्तियां आज सिर्फ कविता नहीं लगतीं, बल्कि पंजाब की मौजूदा तस्वीर का बयान नजर आती हैं। हर चुनाव बदलाव की उम्मीद लेकर आता है। हर सरकार नया नारा देती है। हर नेता विकास, रोजगार, खुशहाली, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का वादा करता है। लेकिन चुनाव के बाद पंजाब को अक्सर एक और प्रेस कॉन्फ्रेंस, एक और कमेटी, एक और घोषणा और एक और शिलान्यास मिलता है।

    शिलान्यास के पत्थर बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन पूरे हो चुके प्रोजेक्ट तलाशने पड़ते हैं।

    रोजगार के वादे और विदेश जाने की मजबूरी

    पंजाब की सबसे बड़ी विडंबनाओं में से एक रोजगार और पलायन का सवाल है। सरकारें रोजगार के आंकड़े और नई नौकरियों की घोषणाएं सामने रखती हैं, वहीं दूसरी तरफ पंजाब के घरों में युवाओं की बातचीत IELTS, स्टडी परमिट, वर्क परमिट और फ्लाइट टिकटों को लेकर होती है।

    कई पंजाबी परिवारों में आज सबसे बड़ा करियर काउंसलिंग सेंटर पासपोर्ट ऑफिस बन गया है।

    गांवों की गलियां भी इस बदलाव की कहानी कहती हैं। महंगे गेटों वाले घर हैं, लेकिन कई घरों के दरवाजे बंद हैं। खूबसूरत तरीके से बनाए गए मकान हैं, लेकिन उनके मालिक हजारों किलोमीटर दूर रहते हैं। कई बुजुर्ग माता-पिता अपने पोते-पोतियों से वीडियो कॉल पर मिलने का इंतजार करते हैं।

    पंजाब ने अपने बच्चों के लिए ऐसे घर बनाए, जिनमें रहने वाले बच्चे खुद कहीं और अपना भविष्य तलाशने चले गए।

    गांव खाली हो रहे हैं, खेतों पर दबाव बढ़ रहा है

    “जवानी रुलाल निकल्या परदेश दी याद विच,
    उजड़े ने पिंड, उजड़ियां ने।”

    विदेश जाने की इच्छा अपने आप में कोई त्रासदी नहीं है। बेहतर अवसर की तलाश में दुनिया के किसी भी हिस्से में जाना स्वाभाविक है। असली चिंता तब पैदा होती है जब अपने ही राज्य में रहना युवाओं को भविष्य का विकल्प नहीं, बल्कि मजबूरी दिखाई देने लगे।

    दूसरी ओर पंजाब की कृषि व्यवस्था भी कई चुनौतियों से जूझ रही है। कर्ज, घटता मुनाफा, पर्यावरणीय दबाव और खेती से जुड़ी अनिश्चितता ने किसान परिवारों पर लगातार दबाव बनाया है।

    जिस कृषि ने पंजाब को देश के खाद्य सुरक्षा तंत्र में महत्वपूर्ण स्थान दिलाया, वही कृषि आज अपने भविष्य को लेकर सवालों के घेरे में है।

    प्रदूषण, नशा और कानून-व्यवस्था भी बड़ी चुनौती

    पंजाब के सामने समस्याओं की सूची यहीं खत्म नहीं होती।

    प्रदूषण, गिरता भूजल स्तर, नशे की समस्या, अपराध और राजनीतिक टकराव जैसे मुद्दे भी लगातार चिंता पैदा करते हैं।

    “हवावां विच ने जहर ते फसलां ने उदास ने…”

    नागरिक जब अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाता है तो कई बार प्रशासन की पहली प्रतिक्रिया समस्या को समझने के बजाय उसे नियंत्रित करने की दिखाई देती है।

    नागरिक सवाल उठाता है।
    सरकार बैरिकेड लगाती है।
    नागरिक धरने पर बैठता है।
    पुलिस पहुंचती है।
    नागरिक जवाब मांगता है।
    सरकार प्रेस कॉन्फ्रेंस करती है।

    और इस पूरे शोर के बीच असली समस्या कहीं पीछे छूट जाती है।

    क्या हर विरोध को कानून-व्यवस्था का मुद्दा बना देना समाधान है?

    पंजाब की राजनीति में एक सवाल लगातार उठता रहा है कि क्या जनता की शिकायतों को समझने के बजाय उन्हें कानून-व्यवस्था की समस्या के रूप में देखना सही है?

    न्याय की मांग करने वाला व्यक्ति कभी राजनीतिक कहा जाता है, रोजगार मांगने वाला प्रदर्शनकारी कभी विरोधी बताया जाता है और सरकार के खर्च पर सवाल उठाने वाला व्यक्ति सरकार विरोधी करार दिया जाता है।

    लेकिन लोकतंत्र में सवाल पूछना किसी नागरिक का अपराध नहीं होना चाहिए।

    पंजाब को सवालों को दबाने के नए तरीकों की नहीं, सवालों के जवाब देने की राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है।

    भ्रष्टाचार पर भाषण बहुत, आम आदमी का सवाल वही

    भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के दावे हर सरकार करती है। विपक्ष भी भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर सरकारों पर सवाल उठाता है।

    कभी गिरफ्तारी होती है, कभी जांच की घोषणा होती है, कभी कमेटी बनती है और कभी प्रेस कॉन्फ्रेंस।

    लेकिन आम आदमी का सवाल आज भी बेहद सीधा है—

    “क्या मेरा काम बिना किसी सिफारिश और प्रभाव के हो जाएगा?”

    यही सवाल किसी भी भ्रष्टाचार विरोधी अभियान की असली परीक्षा है।

    समस्या आने पर नई योजना का ऐलान

    जब बेरोजगारी का सवाल मुश्किल होता है तो निवेश की बात होने लगती है। अपराध पर सवाल उठें तो उपलब्धियां गिनाई जाती हैं। कर्ज का मुद्दा सामने आए तो विकास की चर्चा शुरू हो जाती है। प्रदर्शन बढ़ें तो साजिश की बात होने लगती है।

    और जब हर सवाल असहज हो जाए…

    एक नई योजना का ऐलान कर दिया जाता है।

    लेकिन जनता सब देख रही है।

    वह खाली पड़ी फैक्ट्रियां देख रही है।
    वह खाली होते गांव देख रही है।
    वह युवाओं को विदेश जाते देख रही है।
    वह नशे से टूटते परिवार देख रही है।
    वह प्रदूषित पानी और गिरते भूजल स्तर की चिंता देख रही है।
    वह राजनीति और जमीन पर मौजूद वास्तविकता के बीच बढ़ती दूरी देख रही है।

    सबसे बड़ा सवाल—युवा पंजाब में क्यों नहीं रुकना चाहता?

    पंजाब ने कभी अपने बेटे-बेटियों को दुनिया भर में आत्मविश्वास के साथ भेजा था। आज कई माता-पिता अपने बच्चों को आंखों में आंसू लेकर विदा करते हैं।

    कभी सपना था कि बच्चे विदेश से कमाकर वापस आएंगे और पंजाब में निवेश करेंगे।

    आज कई परिवारों का सपना सिर्फ इतना रह गया है कि उनके बच्चे विदेश में सुरक्षित और सफल रहें।

    यह किसी भी सरकार और समाज के लिए गंभीर सवाल होना चाहिए।

    एक सरकार आर्थिक विकास के दावे कर सकती है।
    एक नेता लोकप्रियता का दावा कर सकता है।
    एक विभाग अपनी उपलब्धियां गिना सकता है।
    एक राजनीतिक दल चुनावी जीत का दावा कर सकता है।

    लेकिन अगर पंजाब का एक युवा अपने ही प्रदेश को देखकर कहता है—

    “यहां मेरा कोई भविष्य नहीं है।”

    तो निश्चित तौर पर कहीं न कहीं कुछ बहुत गलत हुआ है।

    पंजाब को दया नहीं, ईमानदार आत्ममंथन चाहिए

    पंजाब को किसी की सहानुभूति नहीं चाहिए। उसे ईमानदार आत्ममंथन चाहिए।

    ऐसी नौकरियां चाहिए जो सिर्फ विज्ञापनों में मौजूद न हों। ऐसी पुलिस व्यवस्था चाहिए जो सिर्फ विरोध को नियंत्रित करने के बजाय नागरिकों की सुरक्षा करे। ऐसी कृषि नीति चाहिए जो किसान को सम्मान और स्थिर आय दे।

    ऐसी संस्थाएं चाहिए जो सवालों से बचने के बजाय उनके जवाब दें।

    और ऐसे नेता चाहिए जो समझें कि—

    जनता का पैसा किसी राजनीतिक दल का पैसा नहीं है।
    सरकारी कार्यालय किसी नेता की निजी संपत्ति नहीं हैं।
    और सरकार की आलोचना देशद्रोह नहीं है।

    पंजाब सिर्फ जमीन का टुकड़ा नहीं

    पंजाब सिर्फ पांच दरियाओं के बीच बसी जमीन का नाम नहीं है।

    पंजाब एक याद है।
    पंजाब कुर्बानी है।
    पंजाब सुबह सूरज निकलने से पहले खेत में खड़ा किसान है।

    पंजाब वह मां है जो विदेश से बेटे का फोन आने का इंतजार करती है।

    पंजाब वह बुजुर्ग पिता है जो उस बड़े घर में अकेला बैठा है, जो उसने अपने बच्चों के लिए बनाया था।

    पंजाब वह बेरोजगार युवा है, जिसके एक हाथ में डिग्री है और दूसरे हाथ में पासपोर्ट का आवेदन।

    पंजाब वह प्रदर्शनकारी है जो बैरिकेड के पीछे बैठकर सिर्फ अपनी बात सुने जाने की मांग कर रहा है।

    और पंजाब वह पुलिसकर्मी भी है जो बैरिकेड के दूसरी तरफ खड़ा है।

    पंजाब इन सभी का नाम है।

    जिस धरती ने देश का पेट भरा, आज अपने बच्चों को रोक नहीं पा रही

    सबसे बड़ी विडंबना शायद यही है कि जिस धरती ने कभी देश के करोड़ों लोगों का पेट भरा, आज वही अपने बच्चों को अपने पास रखने के लिए संघर्ष कर रही है।

    इसलिए राजनीतिक भाषण चलते रहें, नारे लगते रहें, उद्घाटन होते रहें और तस्वीरें खिंचती रहें।

    लेकिन कैमरों और मंचों से दूर पंजाब की जमीन पर एक आवाज लगातार सुनाई देती है—

    “कई दरियावां ने पंजाब नूं मेरे,
    कि सांस वी हुण सिसकियां भरदे ने।”

    सवाल अब यह नहीं है कि पंजाब दुखी है या नहीं।

    सबसे बड़ा सवाल यह है कि पंजाब आखिर कब तक दुखी रहेगा, जबकि सत्ता में बैठे लोग हमें बताते रहेंगे कि सब कुछ ठीक है?

    napa news Punjab news satnam singh chahal news
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleइश्क में रोड़ा बनी 6 साल की बेटी की हत्या, शव कुएं में फेंका
    Next Article आया सेंचुरी ठोकी और बोला, अब मैं सोने जा रहा हूं…टीम इंडिया के बैटर से श्रीलंकाई बॉलर हैरान-परेशान | Sports
    परवेश चौहान

      जब मैं माइक लेकर निकलता हूं, तो खबरें खुद चलकर मेरे पास आती हैं। “On ground” मेरी पहचान है और “On point” मेरी स्टाइल।

      मिलती जुलती ख़बरें

      ढिलवान कॉलेज के शिक्षकों ने गेट बंद करके किया विरोध…

      September 9, 2026

      हरजोत सिंह बैंस बोले- कूड़े के

      September 9, 2026

      मंत्री बरिंदर गोयल ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, बोले- ‘पंजाब की संस्कृति लाशों पर राजनीति की इजाजत नहीं देती’

      September 9, 2026

      राघव चड्ढा के वोट पर AAP का सवाल : अनुराग ढांडा बोले- फर्जीवाड़ा

      September 9, 2026

      Delhi Traffic News: दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक ब्रिक्स समिट, 35 से ज्यादा सड़कों पर होगा असर, जानें ऑप्शनल रूट | Delhi

      September 9, 2026

      बलतेज पन्नू बोले- लाशों पर राजनीति कर रहा विपक्ष, भाजपा-कांग्रेस-अकाली दल बौखलाए

      September 9, 2026
      Add A Comment
      Leave A Reply Cancel Reply

      ताज़ा खबर

      ढिलवान कॉलेज के शिक्षकों ने गेट बंद करके किया विरोध…

      By श्वेता चौहानSeptember 9, 2026

      Punjab News: बरनाला के भदौर विधानसभा क्षेत्र के ढिलवान गांव में स्थित पंजाबी यूनिवर्सिटी कॉलेज…

      Women’s Asia Cup 2026 : फाइनल में फिर होगी भारत-पाकिस्तान की टक्कर? जानें पूरा समीकरण | Sports

      September 9, 2026

      खराब हो जाएंगे जरूरी अंग…अंबाला में फैल रहा ऐसा रोग, डॉक्टर ने बताया बचने का तरीका

      September 9, 2026
      चर्चित ख़बरें

      देशवासियों को आज एक और झटका, रसोई गैस हुई महँगी

      दिल्ली की दिनभर की 10 बड़ी ख़बरें, रोज़ पढ़ें और अपडेट रहें

      मेहनत कर बन्दे, तू मेहनत से क्या कुछ नहीं पायेगा

      Subscribe to News

      Get the latest sports news from NewsSite about world, sports and politics.

      Advertisement

      TBK Media Private Limted

      Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram
      • Editorial Team
      • Corrections Policy
      • Ethics Policy
      • Fact-Checking Policy
      • List ItemOwnership & Funding Information
      • Disclaimer
      • Sitemap
      © 2026 TBK Media Private Limited. Designed by Parmod Risalia.
      • About Us
      • Contact Us
      • Privacy Policy

      Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.