- बेटियां सड़कों पर असुरक्षित, सिस्टम कागजों में व्यस्त
- एक साल : देश में 29 हजार से ज्यादा दुष्कर्म, हर दिन 80 महिलाएं दरिंदगी का शिकार, एनसीआरबी के आंकड़ों ने खोली सुरक्षा दावों की पोल
गरिमा टाइम्स न्यूज.रोहतक
महिलाएं सुरक्षित हैं… सरकारों के भाषणों में यह लाइन जितनी मजबूत सुनाई देती है, जमीन पर हकीकत उतनी ही डरावनी नजर आती है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के 2024 के आंकड़े देश की उस भयावह तस्वीर को सामने लाते हैं, जहां महिलाओं की सुरक्षा अब सिर्फ नारे और पोस्टरों तक सिमटती दिखाई दे रही है। देशभर में एक साल में दुष्कर्म के 29,536 मामले दर्ज हुए। यानी हर दिन 80 से ज्यादा महिलाएं और लड़कियां दरिंदगी का शिकार हुईं। हर घंटे औसतन 3 रेप और यह सिर्फ वे मामले हैं जो पुलिस रिकॉर्ड तक पहुंचे। उन हजारों चीखों का कोई हिसाब नहीं, जो समाज के डर, परिवार की बदनामी और सिस्टम की बेरुखी के नीचे दब गईं।
राजस्थान सबसे आगे
आंकड़ों में सबसे ऊपर नाम है राजस्थान का है। एक साल में 4,871 रेप केस। यानी देश में दर्ज हर छठा दुष्कर्म अकेले राजस्थान में हुआ। यह वही राज्य है जहां महिला सुरक्षा पर बड़े-बड़े अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन जमीन पर हालात इतने भयावह हैं कि आंकड़े खुद चीख रहे हैं। राजस्थान का क्राइम रेट 12.2 है, जो राष्ट्रीय औसत 4.3 से लगभग तीन गुना ज्यादा है।
यूपी-मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र
उत्तर प्रदेश में 3,209 मामले दर्ज हुए। महाराष्ट्र में 3,091 और मध्यप्रदेश में 3,061 मामले सामने आए। मध्यप्रदेश को कभी रेप कैपिटल कहा गया था। सरकारें बदलीं, नारे बदले, लेकिन तस्वीर ज्यादा नहीं बदली। महाराष्ट्र जैसे विकसित राज्य में भी महिलाओं की सुरक्षा सवालों के घेरे में है। वहीं उत्तरप्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर लगातार दावे किए जाते हैं, लेकिन हजारों मामले बताते हैं कि डर अब भी महिलाओं के हिस्से में ही आ रहा है।
हरियाणा और दिल्ली
हरियाणा में 1,391 दुष्कर्म के मामले दर्ज हुए। क्राइम रेट 9.6 यानी राष्ट्रीय औसत से दोगुना। वहीं देश की राजधानी दिल्ली में 1,058 मामले दर्ज हुए और क्राइम रेट 10.3 पहुंच गया। दिल्ली, जहां हर चौराहे पर कैमरे हैं। हर घटना के बाद पुलिस फ्लैग मार्च करती है।
हर सरकार महिला सुरक्षा का दावा करती है। लेकिन सवाल वही, अगर व्यवस्था इतनी मजबूत है, तो महिलाएं अब भी इतनी असुरक्षित क्यों हैं?
देश के सबसे डरावने आंकड़े
दुष्कर्म के मामले
राजस्थान : 4871
उत्तरप्रदेश : 3209
महाराष्ट्र : 3091
मध्य प्रदेश : 3061
हरियाणा : 1391
जहां महिलाओं पर सबसे ज्यादा खतरा
राज्य/यूटी क्राइम रेट
चंडीगढ़- 16.6
गोवा- 13.3
राजस्थान- 12.2
दिल्ली- 10.3
हरियाणा- 9.6
सुरक्षित महसूस नहीं कर रहीं
रेप के 29,536 मामले सिर्फ नंबर नहीं हैं। ये उन हजारों लड़कियों की कहानी हैं, जिनकी जिंदगी एक घटना के बाद हमेशा के लिए बदल गई। ये आंकड़े बताते हैं कि देश में सड़कें, बसें, कोचिंग सेंटर, ऑफिस, गांव, शहर, कहीं भी महिलाएं पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं कर रहीं।
