Close Menu
    What's Hot

    बिल्डिंग की पेंटिंग करते समय पांचवीं मंजिल से गिरने से दो…

    December 5, 2025

    It has shaken up the global entertainment industry, buying Warner Bros. Studios for 6.47 trillion rupees.-Aaj Samaaj

    December 5, 2025

    जाने क्या है इन दोनों स्मार्टफोन के बीच का अंतर

    December 5, 2025
    Facebook X (Twitter) Instagram
    • Privacy Policy
    • About Us
    • Contact Us
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Latest Hindi News, Delhi News (दिल्ली न्यूज),  aaj ki taaja khabar, Today Breaking News, Trending
    • होम
    • बड़ी ख़बर

      Russian President Vladimir Putin ने विज़िटर्स बुक में रुसी भाषा में लिखा विशेष नोट, रूस-भारत के संबंधों पर भी लिखी खास बात

      December 5, 2025

      PM Modi बोले -आठ दशकों में विश्व में अनेक उतार चढ़ाव आए, लेकिन भारत-रूस मित्रता एक ध्रुव तारे की तरह बनी रही

      December 5, 2025

      वीकली रेस्ट नियम वापस, 1200+ कैंसिल उड़ानों से इंडिगो यात्री 4 दिन से त्रस्त

      December 5, 2025

      रूसी राष्ट्रपति का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक रेड कार्पेट स्वागत

      December 5, 2025

      जम्मू पुलिस को बड़ी कामयाबी, 30 करोड़ की हेरोइन जब्त

      December 5, 2025
    • दुनिया
    • भारत
    • राजनीति
    • राज्य
    • खेल
    • टेक
    • मनोरंजन
    Friday, December 5
    SUBSCRIBE
    Latest Hindi News, Delhi News (दिल्ली न्यूज),  aaj ki taaja khabar, Today Breaking News, Trending
    Home»Breaking News»पंडित जवाहर लाल नेहरू, भारत के गांव और अन्नदाता किसान
    Breaking News

    पंडित जवाहर लाल नेहरू, भारत के गांव और अन्नदाता किसान

    अंकित कुमारBy अंकित कुमारNovember 13, 2025No Comments7 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram Copy Link
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp LinkedIn Pinterest Email Copy Link


    Editorial Aaj Samaaj: पंडित जवाहर लाल नेहरू, भारत के गांव और अन्नदाता किसान
    Editorial Aaj Samaaj: पंडित जवाहर लाल नेहरू, भारत के गांव और अन्नदाता किसान

    Editorial Aaj Samaaj | अरविंद कुमार सिंह :  हाल के वर्षों में देश के प्रथम पंडित जवाहर लाल नेहरू की छवि को पांच तारा बताने के साथ उनको लेकर तमाम असत्य किस्से कहानियों की बाढ़ बौद्धिक जगत में देखने-सुनने को मिल रही है। व्हाट्सएप और यूट्यूब पर उनके शाही जीवन को लेकर तमाम भ्रामक कथाएं उनकी छवि आहत करने की योजनाबद्ध रणनीति से चल रही है। 27 मई, 1964 को उनका देहावसान हो गया था, पर समय-समय पर यह प्रचारित करने की कोशिश होती रही है कि नेहरू जी अभिजात्य सामंत सरीखे थे। गांव, देहात या किसानों मजदूरों की जिंदगी की कोई समझ नहीं है।

    अरविंद कुमार सिंह

    वास्तविकता यह है कि नेहरू जी के पहले प्रधानमंत्री काल में जिस तरह देश के योजनाबद्ध विकास की नींव रखी गयी थी, उसी का परिणाम है कि देश आज तमाम मोर्चों पर बहुत आगे है। गांव, गिरांव और किसान के मुद्दों पर बात करें तो नेहरू जी के विजन के कारण ही हरित क्रांति की बुनियाद रखी गयी। आज अगर हमारा अन्न भंडार भरा हुआ है और कोरोना संकट में भी हमने दूसरों को अनाज दिया तो उसके पीछे नेहरू जी की ही नीति का असर रहा है।

    आजादी मिलने के बाद नेहरू जी के हाथ भारत की बागडोर आयी तो अन्न मोरचे पर भारत की बहुत बुरी दशा थी। उस दौरान सरदार पटेल और नेहरू जी की जोड़ी ने इस मोरचे पर जो काम किया उसका ही असर है कि आज भारत धान, गेहूं और दलहनों का प्रमुख उत्पादक देश बना हुआ है। फलों और सब्जियों के उत्पादन में हम चोटी पर हैं।

    दरअसल उनका राजनीतिक जीवन का आरंभ प्रतापगढ़ के किसान आंदोलन से हुआ था। अवध किसान सभा के साथ उनका गहरा संबंध था। वे इसकी स्थापना बैठक में 17 अक्टूबर, 1920 को शामिल हुए थे। अवध किसान सभा के नायक बाबा रामचंद्र के नेतृत्व में सैकड़ों किसान जब 6 जून, 1920 को पंडित जवाहरलाल नेहरू और पुरुषोत्तम दास टंडन से इलाहाबाद में मिले थे तो उनके आमंत्रण पर नेहरूजी ने प्रतापगढ़ के पट्टी क्षेत्र के गांवों से खुद को जोड़ा और उनके आंदोलन का हिस्सा बने।

    ग्रामीण इलाकों से उनका यह पहला सीधा परिचय था। कांग्रेस अध्यक्ष या देश का प्रधानमंत्री बनने के बाद वे न तो किसान नायक अपने साथियों को भूले, न गांवों को। रायबरेली के किसान आंदोलन के साथ भी उनका जुड़ाव रहा। चंपारण, अवध, खेड़ा, और देश के कई हिस्सों के किसान आंदोलनों को उन्होंने जाना समझा था। इसी कारण वे देश में जमींदारी उन्मूलन के नीतियों के आरंभिक नायक बने। कम लोग जानते हैं कि नेहरू जी के आग्रह पर अवध के किसानों के साथ विस्तार से संवाद करने सरदार पटेल भी लखनऊ गए थे और उन्होंने किसानों की एक सभा की अध्यक्षता की थी।

    1947 में हमारी आबादी 35-36 करोड़ थी पर अन्न खुद उतना भी नहीं पैदा होता था जो खाने भर को हो। उसके पहले 1943 में बंगाल के अकाल ने देश को हिला कर रख दिया था। तभी आजादी मिलते ही नेहरू जी ने कहा था कि- सब कुछ प्रतीक्षा कर सकता हैं लेकिन कृषि नही।

    सबसे पहले हमें पर्याप्त मात्रा में आहार अवश्य चाहिए, उसके बाद दूसरी जरूरतें हैं। 1947 से 1964 के दौरान पंडित जवाहर लाल नेहरू के प्रधानमंत्री काल में खेती-बाड़ी के विकास के कई कदम उठे। जमींदारी उन्मूलन और भूमि सुधारों की दिशा में सबसे महत्व का काम हुआ। तब जमींदारों और राजे रजवाड़ों की मजबूत लॉबी उनके खिलाफ थी। तमाम कानूनी जंग चली।

    पहली योजना में भाखड़ा नांगल, दामोदर घाटी, हीराकुंड, नागार्जुन सागर और गांधी सागर जैसी कई विशाल परियोजनाओं की आधारशिला रखी गयी, जिसके कारण खेती-बाड़ी के विकास और कायाकल्प का मजबूत आधार रखा गया। भाखड़ा नांगल बांध का उद्घाटन करते समय पंडित नेहरू ने कहा था कि  ‘मेरे लिए आज ये स्थान ही मंदिर, गुरुद्वारे, गिरजाघर, मसजिद हैं, जहां इंसान दूसरे इंसानों और कुल मिला कर मानवता के हित के लिए मेहनत करते हैं।  वे आज के मंदिर हैं किसी मंदिर या किसी विशुद्ध पूजा स्थल के बजाय इन महान स्थलों को देख कर मैं अधिक धार्मिक महसूस करता हूं।’

    17 नवंबर 1960 को देश का पहला कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर और फिर दूसरा पंजाब में लुधियाना में खुला। नेहरू के प्रधानमंत्री काल में सारी प्रमुख योजनाएं संसद में काफी चिंतन मनन के बाद बनीं।1950-51 में हमारी कृषि उपज 5.30 करोड़ टन थी जो 1960-61 तक 7.93 करोड़ टन तक पहुंची।

    जब 1964 में लाल बहादुर शास्त्री प्रधानमंत्री बने तो भी विदेश से अन्न आना जारी था। पर नेहरू की बनाई नीतियों के चलते 1970-71 तक वह स्थिति बनी कि हमने 10.80 करोड़ अन्न उत्पादन के साथ विदेशों से अन्न मंगाना बंद किया। हरित क्रांति के चलते इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री काल में हमारा अनाज उत्पादन 8 करोड़ टन से बढ़ कर 15 करोड़ टन तक पहुंचा।

    1947 में पंडित जवाहर लाल नेहरू  ने जो 14 मंत्री बनाए उनमें बाबा साहेब डॉ अंबेडकर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, जान मथाई, सी एच भाभा और षणमुखम चेट्टी गैर कांग्रेसी थी। इनको इनकी योग्यता के कारण नेहरू ने राष्ट्र निर्माण की सोच से शामिल किया था। देश का जो नक्शा सरदार पटेल ने देसी रियासतों को समाहित कर तैयार किया, उसे शक्ल देने का काम नेहरू जी ने किया।

    राजनीतिक आज़ादी मिलने के बाद अनगिनत चुनौतियां थीं। देश में सुई तक नहीं बनती थी, स्वास्थ्य सुविधाएं नाममात्र को थीं।  सिंचाई, बिजली, पानी, परिवहन और संचार के साधनों की दशा दयनीय थी। इनको ध्यान में रख कर 15 मार्च, 1950 को योजना आयोग बना। तब देश में 82% लोग गांवों में रहते थे लिहाजा उनके विकास की जो योजनाएं बनीं, उनका ही असर है कि हम आज 140 करोड़ लोगों को संभाल पा रहे हैं।

    परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष अनुसंधान, आईआईटी, आईआईएम, बड़ी-बड़ी प्रयोगशालाओं की स्थापना से लेकर सार्वजनिक उपक्रमों की स्थापना में नेहरू जी का सबसे अहम योगदान रहा। 1962 में चीन से धोका खाने के बाद नेहरू जी ने स्वदेशीकरण के साथ रक्षा तैयारियों को गति दी। उसी का असर रहा कि बाद की सभी लड़ाइयों में पाकिस्तान को भारी कीमत चुकानी पड़ी।

    देश में सफलता और विफलताओं पर बहुत सी बातें उठती हैं। पर वास्तविकता यह है कि अन्न क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हमारे 75 साल की सफलतम गाथाओं में है। इसी ताकत और अन्न भंडार पर भारत दुनिया के सामने सीना चौड़ा करके खड़ा है। हम याचक की जगह दाता हैं। हमारी 10 शीर्षस्थ फसलों में गन्ना, धान, गेहूं, आलू, मक्का, प्याज, टमाटर, चना, सोयाबीन और बाजरा आता है।

    पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आयी हरित क्रांति के बाद मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों ने खेती में काफी प्रगति की। जबकि हमें जो खेती अंग्रेजी राज से विरासत में वह वेंटिलेटर पर पड़ी थी। पर सबको मानवीय गरिमा के साथ भोजन को नेहरू सरकार ने सबसे बड़ी प्राथमिकता माना था। 1951 में जब नेहरूजी ने जनता से सप्ताह में एक दिन भोजन त्यागने की अपील की थी तो उसका प्रयोग उन्होने पहले खुद पर ही किया था।

    विख्यात कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन ने कुछ साल पहले कहा था कि भविष्य उन राष्ट्रों का होगा जिनके पास अनाज होगा, न कि बंदूकें। ये बात आज सही साबित हो रही है। पर हाल के कई किसान आंदोलन हरित क्रांति वाले सबसे संपन्न इलाकों में चले जो बताते हैं कि किसानों के सवाल पर अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है। खास तौर पर फसलों के वाजिब दाम के सवाल पर भारत सरकार और राज्यों को बहुत सा काम करना शेष है। आज भी हमारी 58% से ज्यादा आबादी खेती पर ही निर्भर है। किसानों  खाद्यान्न मामलों में हमें आत्मनिर्भर बनाया पर वह सबसे निचले पायदान पर खड़ा है। इन सबका समाधान भी नेहरू जी की नीतियों और विचारों में निहित है। (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं। यह इनके निजी विचार हैं।)

    यह भी पढ़ें : Editorial Aaj Samaaj: राजग का संकल्प बनाम महागठबंधन का प्रण

    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleअब इन कर्मचारियों के आश्रितों को भी मिलेगी कैशलेस मेडिकल सुविधा, ई-कार्ड से होगा इलाज
    Next Article धर्मेंद्र के साथ जब डायरेक्टर ने किया बड़ा धोखा, सनी देओल ने ऑफिस में घुसकर उतार दी थी धुलाई
    अंकित कुमार

      मिलती जुलती ख़बरें

      Russian President Vladimir Putin ने विज़िटर्स बुक में रुसी भाषा में लिखा विशेष नोट, रूस-भारत के संबंधों पर भी लिखी खास बात

      December 5, 2025

      PM Modi बोले -आठ दशकों में विश्व में अनेक उतार चढ़ाव आए, लेकिन भारत-रूस मित्रता एक ध्रुव तारे की तरह बनी रही

      December 5, 2025

      वीकली रेस्ट नियम वापस, 1200+ कैंसिल उड़ानों से इंडिगो यात्री 4 दिन से त्रस्त

      December 5, 2025

      रूसी राष्ट्रपति का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक रेड कार्पेट स्वागत

      December 5, 2025

      जम्मू पुलिस को बड़ी कामयाबी, 30 करोड़ की हेरोइन जब्त

      December 5, 2025

      Russian President Vladimir Putin arrives in Delhi, 23rd India-Russia Annual Summit on Friday-Aaj Samaaj

      December 5, 2025
      Add A Comment
      Leave A Reply Cancel Reply

      ताज़ा खबर

      बिल्डिंग की पेंटिंग करते समय पांचवीं मंजिल से गिरने से दो…

      By श्वेता चौहानDecember 5, 2025

      Punjab News: जालंधर में कूल रोड पर पंजाब नेशनल बैंक की बिल्डिंग में पेंट का…

      It has shaken up the global entertainment industry, buying Warner Bros. Studios for 6.47 trillion rupees.-Aaj Samaaj

      December 5, 2025

      जाने क्या है इन दोनों स्मार्टफोन के बीच का अंतर

      December 5, 2025
      चर्चित ख़बरें

      देशवासियों को आज एक और झटका, रसोई गैस हुई महँगी

      दिल्ली की दिनभर की 10 बड़ी ख़बरें, रोज़ पढ़ें और अपडेट रहें

      मेहनत कर बन्दे, तू मेहनत से क्या कुछ नहीं पायेगा

      Subscribe to News

      Get the latest sports news from NewsSite about world, sports and politics.

      Advertisement

      TBK Media Private Limted

      Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram
      • Editorial Team
      • Corrections Policy
      • Ethics Policy
      • Fact-Checking Policy
      • List ItemOwnership & Funding Information
      • Disclaimer
      • Sitemap
      © 2025 TBK Media Private Limited. Designed by Parmod Risalia.
      • About Us
      • Contact Us
      • Privacy Policy

      Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.