FIR on Opposition Protest in Delhi: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन के बाद दिल्ली में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत अन्य नेताओं और समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामला मंगलवार को INDIA ब्लॉक के निर्वाचन आयोग की ओर निकाले गए मार्च के दौरान आकाशवाणी भवन परिसर में बिना अनुमति प्रवेश करने से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान करीब 260 लोगों को हिरासत में लिया गया था।
संसद से चुनाव आयोग तक मार्च की कोशिश
INDIA ब्लॉक के सांसदों ने मंगलवार को संसद भवन से निर्वाचन आयोग के मुख्यालय निर्वाचन सदन तक मार्च निकालने की योजना बनाई थी। दिल्ली पुलिस के अनुसार मार्च के लिए नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त कार्यालय में अनुमति का कोई आवेदन नहीं दिया गया था और न ही मार्च को अनुमति दी गई थी। मार्च के दौरान पुलिस ने आकाशवाणी भवन के पास बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके बाद कई विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिया गया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कुछ नेता आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए और वहीं धरने पर बैठ गए।
आकाशवाणी भवन में प्रवेश पर क्या हुआ?
दिल्ली पुलिस के मुताबिक राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और उनके साथ मौजूद सांसदों तथा समर्थकों ने बिना अनुमति आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश किया। इसी शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को परिसर से हटने के लिए कहा गया, लेकिन धरना जारी रहा। राहुल और प्रियंका गांधी सहित प्रदर्शनकारियों ने कई घंटे तक परिसर में धरना दिया। बाद में पुलिस ने उन्हें वहां से हटाकर हिरासत में ले लिया। इस दौरान करीब 260 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें कई विपक्षी सांसद भी शामिल थे।
SIR के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन
विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूचियों में किए जा रहे बदलावों को लेकर गंभीर सवाल हैं। प्रदर्शनकारियों ने SIR में अनियमितताओं का मुद्दा उठाया और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव से बड़ी संख्या में मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। दूसरी ओर निर्वाचन आयोग का कहना है कि SIR में सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।
राहुल गांधी ने उठाए सवाल
धरने के दौरान राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनाव प्रक्रिया और लोकतंत्र से जुड़े सवालों को लेकर अपनी लड़ाई जारी रखेगा। कांग्रेस ने भी FIR और पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस का कहना है कि विपक्षी नेताओं पर FIR और हिरासत की कार्रवाई लोकतांत्रिक विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश है। वहीं पुलिस का पक्ष है कि बिना अनुमति मार्च और परिसर में अनधिकृत प्रवेश के कारण कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई।

