कहा, घरेलू मांग में मजबूती और वृद्धि की रफ्तार लगातार बनी हुई
Business News Hindi (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने देश की अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार आने वाले समय में भी बने रहने की उम्मीद जताई है। देश की अर्थव्यवस्था को लेकर जारी किए गए बुलेटिन में यह कहा गया है। अपने इस तथ्य के पीछे आरबीआई ने दिसंबर 2025 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा है कि दिसंबर, 2025 के उच्च-आवृत्ति संकेतकों से पता चला कि घरेलू मांग में मजबूती और वृद्धि की रफ्तार बनी हुई है।
बुलेटिन में कहा गया है, भारत ने निर्यात विविधीकरण और मजबूती के प्रयास तेज किए हैं। भारत 14 देशों या समूहों के साथ व्यापार वार्ता में शामिल है। बुलेटिन के मुताबिक, 2025 में देश में कई बड़े आर्थिक सुधार भी हुए, जिनमें कर ढांचे का तर्कसंगत बनाना, नए श्रम कानूनों को लागू करना और वित्तीय क्षेत्र में उदारीकरण शामिल हैं। इनसे दीर्घकालिक वृद्धि को समर्थन मिलने की उम्मीद है।
वैश्विक तनाव से हुई 2026 की शुरुआत
वर्ष 2026 की शुरूआत वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों से हुई। इनमें वेनेजुएला में अमेरिकी हस्तक्षेप, पश्चिम एशिया में तनातनी, रूस-यूक्रेन शांति समझौते को लेकर अनिश्चितता और ग्रीनलैंड विवाद शामिल हैं। इन घटनाओं से वैश्विक जोखिम एवं नीतिगत अस्थिरता बढ़ी, लेकिन भारत की मौजूदा स्थिति आगे के लिए उम्मीद जगाती है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी वृद्धि के प्रारंभिक अनुमान भारतीय जीडीपी की मजबूती को दर्शाते हैं। ये आंकड़े भारत के दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बने रहने की तरफ भी इशारा करते हैं।
वित्तीय संसाधनों का प्रवाह बढ़ा
अप्रैल-दिसंबर 2025 तक वाणिज्यिक क्षेत्र में कुल वित्तीय संसाधनों का प्रवाह बढ़कर 30.8 लाख करोड़ रुपये हो गया। जो पिछले साल 21.3 लाख करोड़ रुपये था। बैंक स्रोतों के अलावा गैर-बैंक स्रोतों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। दिसंबर, 2025 के अंत तक वाणिज्यिक क्षेत्र का कुल कर्ज 15 फीसदी बढ़ा, जिसमें गैर-बैंक स्रोतों ने 16.4 फीसदी की बढ़त दर्ज की।
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