पलवल. हरियाणा स्थित पलवल के जनौली गांव में सड़क की समस्या को लेकर ग्रामीण काफी परेशान हैं. गांव के बीच से गुजरने वाला यह रास्ता कई गांवों को जोड़ता है और पलवल से फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और दिल्ली तक जाने के लिए भी जरूरी है. ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता कई साल से खराब पड़ा है, लेकिन अब तक इसका समाधान नहीं हुआ है. घरों से मुख्य रास्ते तक पहुंचने के लिए लोगों ने अपने खर्चे पर अस्थायी रास्ता बनाया है. लोकल 18 से बबलू हुड्डा बताते हैं कि भारत के लोग मून और मार्स की बात कर रहे हैं, लेकिन हम धरातल की बात कर रहे हैं. आप ये देख लो, इन लोगों का जीवन स्तर क्या है. ये लोग भी भारतीय हैं, सरकार को वोट करते हैं, लोकसभा में वोट करते हैं, विधानसभा में वोट करते हैं, जिला परिषद को वोट करते हैं, ब्लॉक समिति को वोट करते हैं और ग्राम पंचायत में भी वोट करते हैं. सवाल यह है कि इनकी वोट जा कहां रहा है. हमें धरातल पर तो विकास दिखाई नहीं दे रहा है.
बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी
मनोज डागर बताते हैं कि चांद पर पहुंच गए, लेकिन हमारा रास्ता कई साल से इसी तरह पड़ा है. न तो यह बन रहा है और बनता है तो कई काम वाले इस पर स्टे लगा देते हैं. हम यही कहना चाहेंगे कि रास्ता जल्दी बने. यहां बहुत बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं और काफी परेशान होते हैं. यह कई गांवों का रास्ता है और दिल्ली को भी जाता है. इस पर जल्द कार्रवाई होनी चाहिए. रवि बताते हैं कि रास्ते की वजह से बहुत दिक्कत है. बारिश में यहां पानी भर जाता है और बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है. गांव की स्थिति खराब हो रही है. न कोई काम हो रहा है और न ही कोई सुनवाई हो रही है.
जमीन ट्रांसफर नहीं हो रही
हरदेव डागर बताते हैं कि इस रास्ते को बंद हुए लगभग 15 साल हो गए हैं. 15 साल से यहां प्रशासन की बड़ी लापरवाही है. कई बार पंचायत ने जमीन देने की बात कही, लेकिन बीडीओ और दूसरे अधिकारियों के स्तर पर जमीन ट्रांसफर नहीं हो रही है. किसी न किसी तरीके से ऑब्जेक्शन लग जाता है. यही वजह है कि आज तक रास्ता नहीं बन पाया है. चुनाव के समय भी इस रास्ते को बनवाने की बात नहीं हुई. नवल बताते हैं कि यहां रहने वाले लोगों को बहुत परेशानी होती है. अपने घर तक पहुंचने के लिए लोगों ने मेहनत करके खुद रास्ता बनाया है. मेरी उम्र 70 साल है, बहुत दिक्कत होती है इस रास्ते की वजह से.