Share Market News Today: भारतीय शेयर बाजार में आज यानी 29 अक्टूबर को कारोबार की शुरुआत लगभग सपाट रही। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी में सीमित उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। हाल ही में शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर में तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार के आंकड़ों के अनुसार सेंसेक्स 47.96 अंक यानी 0.07% की बढ़त के साथ 73,293 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी करीब 22,699 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार में तेजी सीमित रही और दोनों प्रमुख सूचकांकों में किसी बड़े उछाल के संकेत नहीं दिखे।
आज किन शेयरों में आई तेजी?
शुरुआती कारोबार में अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन के शेयरों में 2% से अधिक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयर करीब 1.6%, बीएसई के शेयर 1.2% और इंफोसिस के शेयर लगभग 0.9% चढ़े। इन शेयरों में खरीदारी से बाजार को कुछ सहारा मिला। दूसरी ओर निफ्टी 50 में शामिल ट्रेंट के शेयरों में 1% से अधिक की गिरावट देखी गई। कंपनी के तिमाही नतीजों से पहले शेयर में दबाव रहा। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और मारुति सुजुकी के शेयर भी शुरुआती कारोबार में 1% से अधिक नीचे रहे। इससे संकेत मिला कि बाजार में निवेशकों का रुख सभी क्षेत्रों में एक जैसा नहीं था।
Jio Platforms के शेयर में तेजी
जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है। कंपनी के शेयरों की शेयर बाजार में लिस्टिंग 28 अक्टूबर को हुई थी। बीएसई और एनएसई पर पहले दिन शेयर ने मजबूत शुरुआत की और इश्यू प्राइस 1,119 रुपये के मुकाबले ऊंचे स्तर पर कारोबार किया। गुरुवार सुबह करीब 9:50 बजे Jio Platforms का शेयर 1464 रुपये पर कारोबार कर रहा था। निवेशकों को लाइव कीमत और पिछले बंद भाव के आधार पर शेयर में वास्तविक तेजी या गिरावट की जांच करनी चाहिए। लिस्टिंग के बाद शुरुआती दिनों में शेयर में उतार-चढ़ाव अधिक रह सकता है।
बाजार पर किन फैक्टर्स का असर?
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को 3.75% से 4% के दायरे में स्थिर रखा है। इस फैसले के साथ वैश्विक निवेशक अमेरिकी महंगाई और आगे की मौद्रिक नीति के संकेतों पर नजर रख रहे हैं। इसके अलावा कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं, क्योंकि भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। आने वाले कारोबारी सत्रों में कंपनियों के तिमाही नतीजे, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, रुपये की चाल और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के संकेत अहम रहेंगे। बाजार की सपाट शुरुआत यह बताती है कि निवेशक बड़े दांव लगाने के बजाय आर्थिक संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।

