नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम को श्रीलंका में अगले महीने टेस्ट सीरीज खेलने जाना है. मंगलवार को चयनकर्ताओं ने दौरे के लिए टीम का ऐलान किया. शुभमन गिल की कप्तानी में टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के तहत खेले जाने वाले दो मुकाबले में उतरेगी. ऊधर खबर आई है कि कप्तान के साथ अंडर 19 में खेलने वाले उनके साथी रहे मनजोत कलरा की जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया है.
भारत को 2018 अंडर-19 विश्व कप जिताने वाली टीम के सदस्य मंजोत कालरा की कानूनी मुश्किलें श्रीलंका में लगातार बढ़ती जा रही हैं. मैच फिक्सिंग से जुड़े मामले में गिरफ्तार किए गए कालरा को फिलहाल राहत नहीं मिली है. कोलंबो की एक अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है. मंजोत कालरा लंका प्रीमियर लीग (LPL) की जाफना किंग्स फ्रेंचाइजी के सह-मालिक हैं. उन्हें इसी महीने मैच फिक्सिंग के आरोपों के बाद गिरफ्तार किया गया था. उनके साथ युवराज पुष्पा को भी 17 जुलाई को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था, जिसे अब 31 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है.

दोनों आरोपियों की ओर से अदालत में जल्द जमानत देने की मांग की गई थी. उनके वकील ने दलील दी कि दोनों की तबीयत ठीक नहीं है. श्रीलंका पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट फॉर द प्रिवेंशन ऑफ ऑफेन्सेज रिलेटिंग टू स्पोर्ट्स ने इसका विरोध करते हुए कहा कि मामले की जांच अभी जारी है. मुख्य मजिस्ट्रेट असांगा एस. बोडारागामा ने जांच पूरी होने तक जमानत देने से इनकार कर दिया और दोनों को न्यायिक हिरासत में ही रखने का आदेश दिया.
इस मामले की शिकायत श्रीलंका के क्रिकेटर भानुका राजपक्षे, अविष्का फर्नांडो और दुनिथ वेलालागे ने दर्ज कराई थी. अदालत को यह भी बताया गया कि दो अन्य घरेलू खिलाड़ियों ने भी बाद में शिकायत में अपना नाम जोड़ दिया है. मंजोत कालरा की गिरफ्तारी का असर जाफना किंग्स फ्रेंचाइजी पर भी पड़ा है. लंका प्रीमियर लीग के अधिकारधारी इननोवेटिव प्रोडक्शन ग्रुप (IPG) और श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने टीम का संचालन अपने हाथ में ले लिया है. फ्रेंचाइजी की वित्तीय स्थिति बिगड़ने के कारण खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के वेतन में भी देरी हुई थी. यहां तक कि खिलाड़ियों को एक मैच के दौरान अपनी जर्सी पर लगे स्पॉन्सर लोगो को काली टेप से ढककर खेलना पड़ा.

