Close Menu
    What's Hot

    अब आधार कार्ड को ‘डेट ऑफ बर्थ’ का सबूत नहीं माना जाएगा

    April 29, 2026

    Karisma Kapoor ने सरेआम लगाई पैप्स की क्लास, Video वायरल

    April 29, 2026

    बंगाल की जनता रिकॉर्ड संख्या में मतदान करे : पीएम

    April 29, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    • Privacy Policy
    • About Us
    • Contact Us
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Latest Hindi News, Delhi News (दिल्ली न्यूज),  aaj ki taaja khabar, Today Breaking News, Trending
    • होम
    • बड़ी ख़बर

      बंगाल की जनता रिकॉर्ड संख्या में मतदान करे : पीएम

      April 29, 2026

      डोडा में लगे पाकिस्तानी पीएम और सेना अध्यक्ष के पोस्टर

      April 29, 2026

      बंगाल में दूसरे चरण की 142 सीटों पर वोटिंग कल

      April 28, 2026

      Uma Bharti: देश में सामाजिक बराबरी के लिए आरक्षण जरूरी, कोई माई का लाल नहीं छीन सकता: उमा भारती

      April 28, 2026

      Sabarimala Women Entry Case: धार्मिक कामों के नाम पर सड़कें ब्लॉक नहीं की जा सकतीं: सुप्रीम कोर्ट

      April 28, 2026
    • दुनिया
    • भारत
    • राजनीति
    • राज्य
    • खेल
    • टेक
    • मनोरंजन
    Wednesday, April 29
    SUBSCRIBE
    Latest Hindi News, Delhi News (दिल्ली न्यूज),  aaj ki taaja khabar, Today Breaking News, Trending
    Home»हरियाणा»फरीदाबाद की मशहूर यूनिवर्सिटी अब सवालों के घेरे में
    हरियाणा

    फरीदाबाद की मशहूर यूनिवर्सिटी अब सवालों के घेरे में

    प्रमोद रिसालियाBy प्रमोद रिसालियाNovember 13, 2025No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram Copy Link
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp LinkedIn Pinterest Email Copy Link


    Haryana के फरीदाबाद जिले के मुस्लिम बहुल गाँव धौज में स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी अपने 76 एकड़ के विशाल परिसर के कारण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रही है। यह गाँव नूह जिले की सीमा के पास स्थित है, जो आतंकवाद और साइबर अपराध के मामलों के लिए पहले भी चर्चा में रहा है। अल फलाह यूनिवर्सिटी की स्थापना 1997 में एक इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में हुई थी। 2013 में इसे NAAC द्वारा ‘A’ श्रेणी की मान्यता मिली। 2014 में हरियाणा सरकार ने इसे निजी विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता दी। विश्वविद्यालय ने सरकार को आश्वासन दिया था कि यह उच्च शिक्षा को बढ़ावा देगा और गरीब छात्रों को सस्ती शिक्षा प्रदान करेगा। हालांकि, हाल के घटनाक्रमों में यह विश्वविद्यालय आतंकवाद से जुड़े मामलों में सामने आया है, जिससे इसके शैक्षणिक और सामाजिक विश्वास पर सवाल उठे हैं।

    शैक्षणिक पाठ्यक्रम और संरचना

    अल फलाह यूनिवर्सिटी के भीतर तीन मुख्य कॉलेज हैं – अल फलाह स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, ब्राउन हिल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, और अल फलाह स्कूल ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग। यहाँ डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। 2019 में एमबीबीएस कोर्स शुरू हुआ, जिसमें 40 प्रतिशत डॉक्टर कश्मीर से हैं। मेडिकल कॉलेज में कुल 200 एमबीबीएस सीटें और 38 एमडी सीटें हैं। कुल शुल्क लगभग 80 लाख रुपये तक पहुँचता है। विश्वविद्यालय अल फ़लाह चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित है, जिसके अध्यक्ष जावेद अहमद सिद्दीकी, उपाध्यक्ष मुफ्ती अब्दुल्ला कासिमी, और सचिव मोहम्मद वाजिद हैं। वर्तमान कुलपति डॉ. भूपिंदर कौर आनंद हैं।

    सुरक्षा और कानूनी विवाद

    हाल ही में दिल्ली के लाल किला के पास हुए विस्फोट के सिलसिले में विश्वविद्यालय के आठ लोग, जिनमें तीन डॉक्टर भी शामिल हैं, को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में जैश-ए-मोहम्मद और अंसार ग़ज़वात-उल-हिंद से जुड़े आतंकवादी मॉड्यूल का खुलासा हुआ, जो जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैला था। विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति जवाद अहमद सिद्दीकी पहले तिहाड़ जेल में तीन साल बिताने वाले एक घोटाले के मामले में भी जुड़े रहे। इन घटनाओं ने विश्वविद्यालय की विश्वसनीयता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    समाज और शिक्षा पर प्रभाव

    अल फलाह यूनिवर्सिटी का उद्देश्य मुस्लिम अल्पसंख्यक छात्रों के लिए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और जामिया मिलिया इस्लामिया का विकल्प प्रदान करना था। विश्वविद्यालय ने 25 प्रतिशत सीटें हरियाणा के छात्रों के लिए और 10 प्रतिशत अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित की हैं। हालांकि, हाल के घटनाक्रमों ने यह दिखाया कि शिक्षा के उद्देश्य के बजाय यहाँ आतंकवाद और कट्टरपंथी गतिविधियों की आशंका ने प्रमुखता पाई। विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियाँ और मेडिकल कोर्स की गुणवत्ता इसके व्यापक योगदान को दिखाती हैं, लेकिन सुरक्षा और कानूनी विवाद इसकी छवि पर स्थायी प्रभाव डाल सकते हैं।

    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleपुणे में आपस में टकराई 20-25 गाड़ियां, 9 लोगों की मौत, 5 जिंदा जले-20-25 vehicles collided in Pune, 9 people died, 5 were burnt alive.-Aaj Samaaj
    Next Article दिल्ली ब्लास्ट में बड़ा खुलासा, कार में बैठे डॉ. उमर का DNA मैच
    प्रमोद रिसालिया
    • Website

    प्रमोद रिसालिया एक अनुभवी राजनीतिक पत्रकार हैं, जो 'भारत खबर' वेब पोर्टल से जुड़े हुए हैं। उन्हें जमीनी राजनीति की बारीक समझ और तेज विश्लेषण के लिए जाना जाता है। प्रमोद लगातार राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण करते हैं। उनकी लेखनी में तथ्यों की सटीकता और जन सरोकारों की गहराई साफ झलकती है। राजनीतिक घटनाक्रमों की रिपोर्टिंग के साथ-साथ वे चुनावी विश्लेषण और सत्ता के समीकरणों पर भी पैनी नजर रखते हैं।

    मिलती जुलती ख़बरें

    Gold Silver Price: सोना-चांदी के भाव में हल्का उतार-चढ़ाव, जानें 29 अप्रैल के ताजा रेट्स

    April 29, 2026

    पश्चिमी विक्षोभ के असर से आज इन जिलों में होगी बारिश, दो दिनों तक बदला रहेगा मौसम

    April 29, 2026

    देशभर में मौसम का यू-टर्न, कल 29 अप्रैल को इन राज्यों में तेज बारिश-आंधी का अलर्ट

    April 28, 2026

    भारत के 5 सबसे खूबसूरत रेलवे रूट, सफर बन जाता है यादगार

    April 28, 2026

    हरियाणा में नगर निगम चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका, प्रत्याशी ने थामा भाजपा का दामन

    April 28, 2026

    8 सितंबर से इन स्मार्टफोन्स में नहीं चलेगा WhatsApp, जानें वजह

    April 28, 2026
    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    ताज़ा खबर

    अब आधार कार्ड को ‘डेट ऑफ बर्थ’ का सबूत नहीं माना जाएगा

    By श्वेता चौहानApril 29, 2026

    अब आधार कार्ड (Aadhaar card)  को जन्मतिथि (Date of Birth) के प्रमाण के रूप में…

    Karisma Kapoor ने सरेआम लगाई पैप्स की क्लास, Video वायरल

    April 29, 2026

    बंगाल की जनता रिकॉर्ड संख्या में मतदान करे : पीएम

    April 29, 2026
    चर्चित ख़बरें

    देशवासियों को आज एक और झटका, रसोई गैस हुई महँगी

    दिल्ली की दिनभर की 10 बड़ी ख़बरें, रोज़ पढ़ें और अपडेट रहें

    मेहनत कर बन्दे, तू मेहनत से क्या कुछ नहीं पायेगा

    Subscribe to News

    Get the latest sports news from NewsSite about world, sports and politics.

    Advertisement

    TBK Media Private Limted

    Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram
    • Editorial Team
    • Corrections Policy
    • Ethics Policy
    • Fact-Checking Policy
    • List ItemOwnership & Funding Information
    • Disclaimer
    • Sitemap
    © 2026 TBK Media Private Limited. Designed by Parmod Risalia.
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.