
मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर को तय की गई
Airfare Rules, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: हवाई यात्रियों को त्योहारों, छुट्टियों और आपातकालीन परिस्थितियों में एयरलाइंस कंपनियों की मनमानी लूट से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद सख्त और ऐतिहासिक कदम उठाया है। देश की शीर्ष अदालत ने सोमवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह 7 दिनों के भीतर नए हवाई किराया नियमों का प्रकाशन करे।
इसके साथ ही कोर्ट ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि कोई भी एयरलाइंस कंपनी इन नियमों का पालन नहीं करती है, तो उसके विमान तुरंत ग्राउंडेड (उड़ानें ठप) कर दिए जाएं। इस मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच कर रही है।
केंद्र सरकार ने ड्राफ्ट नियमों को फाइनल करने के लिए 3 हफ्ते का समय मांगा
कोर्ट में सरकार का पक्ष एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल कौशिक ने रखा। उन्होंने बताया कि नियम बनाने की प्रोसेस 3 हफ्ते में पूरी हो जाएगी। उन्होंने कोर्ट में ड्राफ्ट नियम दिखाए। इसके बाद बेंच ने कहा- एक व्यवस्था सुझाई गई है, लेकिन नियामक को लेकर हम निश्चित नहीं हैं। बेंच ने कहा कि केंद्र सरकार ने ड्राफ्ट नियमों को फाइनल करने के लिए 3 हफ्ते का समय मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर को तय की गई।
कोर्ट ने जुलाई में नियम बताने कहा था
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 13 जुलाई को सरकार से भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024 के तहत बनाए गए नियम उसके सामने रखने को कहा था। कोर्ट ने कहा था कि नियमों को सीलबंद लिफाफे में पेश किया जाए, चाहे उन्हें संसद के सामने रखा गया हो या नहीं।
इससे पहले 15 मई को याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हवाई किराए को तर्कसंगत बनाने की जरूरत है। कोर्ट ने सरकार से यात्रियों को राहत देने के लिए कहा था। तब सरकार ने कोर्ट को बताया था कि 2024 का नया कानून जनवरी 2025 में लागू हो गया है। इसके तहत बनाए जाने वाले नियम तैयार किए जा रहे हैं।
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