Delhi News: दिल्ली में ठंड का मौसम शुरू होते ही प्रदूषण में कई गुना इजाफा हो जाता है। इन चार महीनों के दौरान लोगों का दम घुट जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों को होती है। दिल्ली सरकार ने इन परेशानियों को देखते हुए एक प्लान तैयार किया है। इसके तहत दिल्ली में काम करने वाले कर्मचारियों को चार महीने तक वर्क फ्रॉम होम की सुविधा मिलने जा रही है।
दिल्ली सरकार का प्लान तैयार
दिल्ली सरकार की तरफ से प्रदूषण से निपटने और बचाव के लिए प्लान तैयार किया गया है, जिसमें बताया गया है कि नवंबर से लेकर फरवरी तक दिल्ली में तमाम दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करना होगा। इसके अलावा, दिल्ली नगर निगम के तहत आने वाले सभी दफ्तर सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक खुलेंगे। इसी तरह दिल्ली सरकार के तमाम दफ्तरों में भी ड्यूटी टाइम में बदलाव किया जाएगा। अब सवाल उठता है किन कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा मिलेगी। आइए, इस बारे में विस्तार से जानकारी लेते हैं।
किसे मिलेगा वर्क फ्रॉम होम?
दिल्ली सरकार ने दमघोंटू हवा से बचाने के लिए इस बार प्राइवेट और सरकारी दफ्तरों में ये नियम लागू करने की बात कही है। दिल्ली सरकार ने जो प्लान तैयार किया है उसमें 50% वर्क फ्रॉम होम का नियम सभी सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों पर लागू होगा और 1 नवंबर से लेकर 28 फरवरी तक इन नियमों का पालन करना होगा।
किसे नहीं मिलेगा वर्क फ्रॉम होम?
यह निमय सभी कर्मचारियों पर नियम लागू नहीं होगा। पब्लिक हेल्थ और बाकी इमरजेंसी सेवाओं से जुड़े दफ्तरों में काम करने वाले लोगों को इससे बाहर रखा जाएगा। प्राइवेट कर्मचारियों की बात करें, तो उनकी कंपनियों में ऑड ईवन सिस्टम लागू हो सकता है, यानी एक दिन घर से और दूसरे दिन ऑफिस से काम करने की सुविधा दी जा सकती है।
ग्रैप लागू होते ही पाबंदी शुरू
दिल्ली में सर्दियां आते ही जहरीली हवा का स्तर भी बढ़ने लगता है। इससे निपटने के लिए ग्रैप यानी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान लागू होता है। पॉल्यूशन के लेवल को देखते हुए इसका स्तर भी बढ़ता जाता है और तमाम तरह के कंस्ट्रक्शन और पुराने डीजल वाहनों की एंट्री तक रोक दी जाती है। इस बार सरकार ने ग्रैप लागू होने से पहले ही तमाम तरह के नियमों का ऐलान कर दिया है।

