पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने की कार्रवाई, विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद से ही अंडरग्राउंड था जहांगीर
West Bengal Breaking News (द भारत ख़बर), कोलकाता : पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले कई दिन से अंडरग्राउंड हुए टीएमसी नेता जहांगीर खान को नेपाल से गिरफ्तार कर लिया है। जहांगीर खान पर कई गंभीर आरोप हैं और वे विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद से ही अंडरग्राउंड हो गए थे। इसी बीच पश्चिम बंगाल एसटीएफ को खूफिया सूचना मिली थी कि वह नेपाल में छिपा हुआ है। जिसके बाद एसटीएफ टीम ने आज यानी सोमवार को उसे नेपाल से गिरफ्तार कर लिया।
इस रास्ते से नेपाल भागा था आरोपी
जहांगीर पश्चिम बंगाल और नेपाल के बॉर्डर पर बने पशुपतिनाथ मार्केट के रास्ते नेपाल भाग गया था। वह नेपाल में ही पुलिस से बचने के लिए छिपा हुआ था। जानकारी के अनुसार जहांगीर की नेपाल के रास्ते खाड़ी देशों में भागने की कोशिश थी। लेकिन प्रदेश एसटीएफ की टीम ने चौकसी से काम करते हुए उसकी पूरी योजना को खत्म कर दिया।
जहांगीर पर लगे हैं कई गंभीर आरोप
जहांगीर पर 2024 के चुनाव के दौरान लोगों को डराने-धमकाने, जबरन पैसे वसूलने, अवैध रूप से जमीन कब्जा करने और बेहिसाब धन-संपत्ति रखने के गंभीर आरोप हैं। खान पर ईवीएम को प्रभावित करने और मृतकों के नाम सूची में जोड़ने का भी आरोप था।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने खुद उनके खिलाफ आवाज उठाई थी। इसके बाद चुनाव से पहले इलाके में धमकाने के आरोप भी लगे। चुनाव आयोग ने यूपी के वरिष्ठ आईपीएस अफसर अजय पाल शर्मा को पर्यवेक्षक के रूप में डुंडी पुलिस स्टेशन भेजा था।
2024 के चुनाव में ममता के भतीजे और टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने डायमंड हार्बर सीट से करीब 7 लाख वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल की थी। माना जाता है कि अभिषेक को इतनी बड़ी जीत दिलाने के पीछे जहांगीर का ही सबसे बड़ा हाथ था। पर्दे के पीछे रहकर उन्होंने इस पूरी जीत की रणनीति बनाई और उसे जमीन पर लागू किया था।
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