पंचकूला में पुलिस और दो शूटरों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें काबू कर लिया गया। यह कार्रवाई पंचकूला के डीसीपी क्राइम अमरिंदर सिंह की अगुवाई में की गई।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान अर्शदीप सिंह और जगराज सिंह के रूप में दर्ज है। दोनों पंजाब के अमृतसर जिले के रहने वाले हैं। दोनों आरोपी एक कुख्यात गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस को आशंका है कि दोनों मोहाली, पंचकूला या चंडीगढ़ में किसी टारगेट को निशाना बनाने के इरादे से ट्राइसिटी पहुंचे थे।
घटना सेक्टर-20 थाना क्षेत्र में ताऊ देवी लाल स्टेडियम के पीछे सेक्टर-3 की सड़क पर हुई। पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में कार्रवाई कर रही थी, तभी मोटरसाइकिल पर सवार दोनों से मुठभेड़ हो गई।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पुलिस टीम पर पांच गोलियां चलाईं। इनमें से एक गोली पुलिस सब-इंस्पेक्टर (पीएसआई) की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी, जबकि दूसरी गोली असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) सुनील कुमार के कान के पास से गुजरी। पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई में चार गोलियां चलाईं। दोनों आरोपियों के पैरों में एक-एक गोली लगी, जिसके बाद उन्हें काबू कर लिया गया। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह पूरी कार्रवाई पंचकूला डीसीपी क्राइम अमरिंदर सिंह की अगुवाई में हुई।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से दो अवैध हथियार बरामद किए हैं। मामले में आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा 25(6) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
