अमेरिका ने ईरान का अरबों रुपए का फंड जारी करने से किया इंकार, ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम के बयान के बाद अमेरिका ने दी प्रतिक्रिया
US-Iran Agreement (द भारत ख़बर), वॉशिंगटन : पूरी दुनिया के लिए समस्या बन चुका अमेरिका और ईरान युद्ध आखिरकार खत्म होने की दहलीज पर पहुंच चुका है। दोनों पक्षों ने इस बात का ऐलान कर दिया है कि वे शांति समझौते के लिए तैयार हैं और जेनेवा में 19 जून को समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले हैं। हालांकि इससे पहले दोनों देशों ने एक दूसरे की शर्तों को मानने की घोषणा भी की है। जिससे पूरी दुनिया ने राहत की सांस ली है। लेकिन इसी बीच दोनों देशों के बीच शर्तों को लेकर नया विवाद पनपता भी नजर आ रहा है।
अमेरिका ने ईरान के उस दावे को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि शुक्रवार को समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद 60 दिन की वार्ता शुरू होने से पहले ईरान को उसके जमे हुए अरबों डॉलर के फंड जारी कर दिए जाएंगे। दोनों देशों के बयानों से साफ है कि समझौते की व्याख्या को लेकर अभी भी मतभेद बने हुए हैं। ईरान का कहना है कि अमेरिका को पहले अपने वादे पूरे करने होंगे, जबकि अमेरिका का कहना है कि पहले ईरान को अपनी कमिटमेंट पर अमल करना होगा।
अमेरिका की तरफ से यह आई प्रतिक्रिया
एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि यह पूरी तरह गलत है। जब तक ईरान अपनी कमिटमेंट को लागू नहीं करेगा, तब तक कोई भी फंड जारी नहीं किया जाएगा। अमेरिका की यह प्रतिक्रिया ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगले चरण की बातचीत तभी शुरू होगी जब वॉशिंगटन पहले अपने कई वादे पूरे करेगा। इनमें ईरान के विदेशों में फ्रीज्ड 24 अरब डॉलर के फंड जारी करना भी शामिल है।
समझौते को लेकर यह बोले ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि इस समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोला जाएगा। उन्होंने ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को तुरंत हटाने की मंजूरी दे दी है। ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि दुनिया के जहाजो, अपने इंजन चालू कर लो। तेल को बहने दो।
जेनेवा में दोनों देश करेंगे समझौते पर हस्ताक्षर
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि दोनों देश पीस डील पर 19 जून को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में दस्तखत करेंगे। अगर ऐसा होता है तो यह 47 साल में तेहरान और वॉशिंगटन के बीच हाई लेवल की बैठक होगी। दूसरी तरफ ईरान-अमेरिका के बीच हुए समझौते का पूरा दस्तावेज अभी जारी नहीं किया गया है।

