कहा, दोनों देशों के बीच कुछ अहम मुद्दों पर सहमति बनना अभी बाकी
West Asia Crisis (द भारत ख़बर), वॉशिंगटन : अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दिनों एक बार फिर से तनाव शिखर पर पहुंच गया। दोनों देशों ने एक दूसरे पर हमले करने शुरू कर दिए। हालांकि इसी बीच बड़े स्तर यह खबर मीडिया में आई की दोनों देश दो माह के युद्ध विराम के लिए राजी हो गए हैं। इसी बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट किया है दोनों देश समझौते के काफी ज्यादा करीब पहुंच चुके हैं लेकिन दोनों के बीच अभी भी कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है और यह कहना जल्दबाजी होगी कि अंतिम समझौता कब और क्या हो पाएगा।
यूरेनियम संवर्धन पर बातचीत जारी
जेडी वेंस ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दोनों पक्ष कुछ बिंदुओं और विशेष रूप से यूरेनियम संवर्धन के मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम अभी वहां नहीं पहुंचे हैं, लेकिन काफी करीब हैं और बातचीत जारी रहेगी। वेंस ने दावा किया कि अगर समझौता हो जाता है तो इससे होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से पूरी तरह खोला जा सकेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका पहले ही ईरान की पारंपरिक सैन्य क्षमताओं को काफी कमजोर कर चुका है और उसके परमाणु कार्यक्रम को लंबे समय तक पीछे धकेलने की स्थिति में है। उनके अनुसार यह अमेरिकी जनता के हित में होगा।
युद्धविराम बढ़ाने का प्रस्ताव
रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित समझौते में मौजूदा युद्धविराम को 60 दिनों के लिए बढ़ाने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम के भविष्य पर औपचारिक वार्ता शुरू करने की योजना शामिल है। अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच एक रूपरेखा तैयार हो चुकी है, लेकिन उसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी नेतृत्व की मंजूरी मिलना अभी बाकी है।
28 फरवरी को शुरू हुआ था युद्ध
अमेरिका ने इजराइल की मदद के साथ जब 28 फरवरी 2026 को ईरान पर हमला किया था तो शायद उसे भी इस बात का अहसास नहीं था कि ईरान का जवाब इतना ज्यादा शक्तिशाली होगा। इस युद्ध में अमेरिका को अभी तक की सबसे बड़ी आर्थिक और सैनिक क्षति हुई है। इसके साथ ही ईरान ने मार्च के पहले सप्ताह में ही होर्मुज जलडमरूमध्य पर आवाजाही रोक दी। इससे पूरे विश्व में जरूरी वस्तुओं की सप्लाई बाधित हो रही है।
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