ईरान अपना यूरेनियम भंडार अमेरिका को सौंपने को तैयार
US-Iran Peace Agreement (द भारत ख़बर), वॉशिंगटन : फरवरी से शुरू हुआ अमेरिका और ईरान का युद्ध अब स्थाई रूप से थमने की उम्मीद प्रबल हो चुकी है। एक तरफ जहां दोनों देश सात अप्रैल से अस्थाई युद्ध विराम की घोषणा करते हुए बातचीत से इसे हल करने की कोशिश में थे। वहीं अब अमेरिकी राष्टÑपति का बड़ा बयान सामने आया है। पहले दौर की वार्ता विफल होने के बाद अब ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान शांति समझौते के काफी करीब पहुंच चुके हैं।
उन्होंने कहा कि ईरान अपने एनरिच्ड (संवर्धित) यूरेनियम का भंडार अमेरिका को सौंपने के लिए तैयार हो गया है। अमेरिका का मानना है कि इसी का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में हो सकता है। उन्होंने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से यह भी कहा कि दोनों देश शांति समझौते के काफी करीब हैं। उन्होंने कहा कि बातचीत बहुत सफल चल रही है और समझौते की संभावना काफी ज्यादा है।
जल्द तेल सप्लाई सुचारू होगी
ट्रंप ने कहा कि अगर यह डील हो जाती है, तो तेल की सप्लाई शुरू हो जाएगी, होर्मुज स्ट्रेट खुला रहेगा और हालात सामान्य हो जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर समझौता इस्लामाबाद में होता है, तो वे पाकिस्तान की यात्रा भी कर सकते हैं। हालांकि ईरानी मीडिया ने ट्रम्प के दावे को गलत बताया है और कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति हवाई किले बना रहे हैं।
इजरायल ने की 10 दिन के सीजफायर की घोषणा
वहीं इजराइल और लेबनान 10 दिन के सीजफायर पर राजी हो गए हैं। यह युद्धविराम भारतीय समयानुसार गुरुवार देर रात 3:30 बजे से लागू हो गया है। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत की, जिसके बाद यह सहमति बनी।
अमेरिका ने दी है ईरान को युद्ध की धमकी
ज्ञात रहे कि गुरुवार को अमेरिका ने ईरान को सीधी धमकी दी थी कि यदि ईरान ने शांति समझौता नहीं माना तो अमेरिका उसके खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान चलाने के लिए तैयार है। जिससे ईरान को बुरी तरह से क्षति पहुंचेगी।
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