
हाल ही में पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित हुई सिंगर अलका
Sensorineural Hearing Loss, (द भारत ख़बर), मुंबई: लोकप्रिय गायिका अल्का याग्निक 23 जून को नई दिल्ली में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह में नजर आई। यहां उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। सिंगर दो साल से लाइम लाइट से बिल्कुल दूर थीं। सिंगर को एक अजीब से बीमारी है जिसकी वजह से वो बेहद कमजोर नजर आई।
उन्हें संभालने के लिए उनके साथ एक महिला भी थीं। एक वीडियो में उन्हें वहील चेयर पर बैठा हुआ देखा गया। वीडियो सामने आते ही उनके स्वास्थ्य को लेकर प्रशंसकों के बीच चिंता बढ़ गई।
अलका याग्निक ने लिखा पोस्ट
इसके लिए अलका ने एक लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखा। उन्होंने लिखा, पिछले दो सालों से मैं लाइमलाइट, सार्वजनिक कार्यक्रमों और अपनी यात्रा के बारे में ज्यादा साझा करने से दूर रही हूं। आप में से कई लोग जानते हैं कि मैं स्वास्थ्य संबंधी कठिन दौर से गुजर रही हूं। इस दौरान आपका प्यार, दुआएं, संदेश और अटूट समर्थन हर कदम पर मेरे साथ रहा है। अल्का की इस पोस्ट पर गायक कुमार शानू, शान और अभिनेत्री भूमि पेडणेकर ने उन्हें बधाई देते हुए उनकी हिम्मत बढ़ाई।
2024 में अल्का ने इंस्टाग्राम पर जानकारी शेयर की थी कि उन्हें एक दुर्लभ बीमारी सेंसोरीन्यूरल नर्व हियरिंग लास हुआ है। यह समस्या अचानक एक वायरल अटैक के कारण हुई थी, जिसके चलते उनकी सुनने की क्षमता प्रभावित हुई। इसी असमर्थता के कारण उन्होंने 2024 से ही प्लेबैक सिंगिंग छोड़ दी।

क्या है सेंसरीन्यूरल हियरिंग लॉस?
सेंसरीन्यूरल हियरिंग लॉस सुनने की क्षमता हमेशा के लिए खोने का सबसे आम प्रकार है। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, यह तब होता है जब कान के अंदरूनी हिस्से की नाजुक स्ट्रक्चर खासकर कॉक्लिया के अंदर मौजूद बहुत छोटी हेयर सेल्स या दिमाग तक आवाज के सिग्नल पहुंचाने वाली आॅडिटरी नर्व डैमेज हो जाती हैं।
ये बहुत छोटी हेयर सेल्स लोगों को सुनने में मदद करने में अहम भूमिका निभाती हैं। एक बार डैमेज होने पर, ये आम तौर पर अपने-आप ठीक नहीं होतीं, जिससे कई मामलों में सुनने की क्षमता हमेशा के लिए चली जाती है। यह समस्या एक कान या दोनों कानों को प्रभावित कर सकती है। कई बार ये धीरे-धीरे या फिर अचानक हो सकती है।
क्या है इसके पीछे का कारण?
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, रठऌछ कई कारणों से हो सकता है। कुछ लोगों में यह समस्या गर्भावस्था या जन्म के समय हुई दिक्कतों की वजह से जन्म से ही होती है। वहीं, दूसरों में यह समस्या बाद में संक्रमण, वायरल बीमारियों, सिर की चोट, लंबे समय तक तेज आवाज के संपर्क में रहने या उम्र बढ़ने के साथ सुनने की क्षमता कम होने के कारण हो सकती है।
अलका याग्निक के मामले में, सुनने की क्षमता का नुकसान कथित तौर पर एक वायरल संक्रमण से जुड़ा था, जिसने उनके आॅडिटरी सिस्टम को प्रभावित किया था।
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