नई दिल्ली. महिला एशिया कप के फाइनल में भारतीय टीम ने श्रीलंका को एकतरफा मुकाबले में हराया. 72 रन की बड़ी जीत के साथ टीम इंडिया ने 8वां एशिया कप अपने नाम किया. हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 183 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया. इसके बाद श्री चरणी की घातक गेंदबाजी के दम पर पूरी टीम को महज 111 रन पर समेट दिया. टूर्नामेंट का समापन विवाद के साथ हुआ क्योंकि भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान के मोहसिन नकवी के हाथ से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया.
भारतीय टीम को श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में मिली इस शानदार जीत के बाद ट्रॉफी सेरेमनी विवादों में घिर गई. भारतीय टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी और विजेता पदक लेने से इनकार कर दिया. नकवी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन होने के साथ-साथ पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं. यह बात पहले से ही साफ थी कि भारतीय टीम ट्रॉफी एसीसी अध्यक्ष के हाथों से नहीं लेगी. इससे पहले सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम ने 2025 में भी ऐसा ही किया था.
फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ जीत हासिल करने के बाद भारतीय टीम के सारे खिलाड़ी मैदान पर नहीं रुके. सभी ड्रेसिंग रूम में चले गए और पुरस्कार वितरण समारोह में शामिल नहीं हुए. तकरीबन 1 घंटे तक स्टेज पर नकवी और बाकी लोग इंतजार करते रहे. इस दौरान श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू ने नकवी से उपविजेता टीम का चेक हासिल किया. भारतीय टीम के खिलाड़ी ड्रेसिंग रूम से तो बाहर आए लेकिन मैदान के किनारे अपनी जीत का जश्न मनाती रहीं. नकवी ट्रॉफी दिए बिना ही वहां से चले गए. अब भारत को मिलने वाली ये ट्रॉफी ACC के पास है.
भारतीय टीम को ट्रॉफी आखिर कब मिलेगी. यह सवाल हर एक भारतीय फैन के मन में चल रहा होगा. इसका कोई भी जवाब नहीं दे पाएगा. महिला टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने भी इस मामले पर जानकारी होने से इनकार किया. जब उनसे पूछा गया कि टीम को ट्रॉफी कब मिल सकती है, तो उन्होंने कहा, “अभी तक कोई खबर नहीं है, इसलिए मैं इसका जवाब नहीं दे सकता.”

