
इंस्टाग्राम पर वीडियो किया शेयर
PM Modi, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: पेपर लीक को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और नया वीडियो संदेश जारी किया है। पीएम ने कहा कि पेपर लीक पर सोमवार को कठोर कानून लाएंगे। इस संबंध में पीएम मोदी ने रविवार शाम 7 बजे के करीब इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। मोदी ने कहा- फ्रेंड्स स्टूडेंट के भविष्य के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है।
जिन लोगों ने स्टूडेंट के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। वे जेलों में सड़ रहे हैं। पीएम मोदी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स पर ये वीडियो संदेश जारी किया गया है। पीएम ने ये वीडियो भी मोबाइल के सेल्फी कैमरे से रिकॉर्ड किया है।
कहा- हमारा परीक्षा सिस्टम विश्वस्त हो, टेक्नोलॉजी का भी हो उपयोग
पीएम ने कहा, हमने फास्ट ट्रैक कोर्ट बना दिए हैं। हम कल संसद में कठोर सजा के साथ प्रावधान ला रहे हैं। लेकिन हमें भविष्य के बारे में भी सोचना है। हमारी परीक्षा सिस्टम विश्वस्त हो, इसमें सबसे ज्यादा टेक्नोलॉजी का उपयोग हो। इंफोसिस को-फाउंडर नंदन नीलेकणी जी के नेतृत्व में एक हाईपावर टॉस्क फोर्स बनाने का निर्णय लिया है। जो एग्जॉनेशन रिफॉर्म की तरफ फोकस करेगा।
हाई पावर टास्क फोर्स का नेतृत्व करेंगे नंदन नीलेकणि
पीएम मोदी ने आगे कहा, इन सारी बातों को ध्यान में रखते हुए विश्व प्रसिद्ध टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में एक हाई पावर टास्क फोर्स बनाने का निर्णय किया है। जो एग्जामिनेशन रिफॉर्म की तरफ फोकस करेगा। जल्द से जल्द आने वाली परीक्षाओं को सुनिश्चित करने का काम इसके रिपोर्ट के आधार पर कर दिया जाएगा।
6 सदस्यीय टास्क फोर्स में इसरो के पूर्व अध्यक्ष भी शामिल
नंदन नीलेकणी, टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट और इंफोसिस के सह-संस्थापक, डॉ. एस. सोमनाथ, इसरो के पूर्व अध्यक्ष, तपन डेका, इंटेलिजेंस ब्यूरो के पूर्व डायरेक्टरए वी. कामकोटीए आईआईटी मद्रास के डायरेक्टरए अनीता करवाल, शिक्षा मंत्रालय की पूर्व सचिव और अमृत लाल मीणा, लॉजिस्टिक्स एक्सपर्ट।
सेल्फी कैमरे से तीसरी बार पीएम ने बनाया वीडियो
बता दें कि छात्रों के मुद्दे और पेपर लीक को लेकर पीएम मोदी का ये सेल्फी कैमरे से बनाया गया, ये तीसरा वीडियो है। पहला वीडियो पीएम मोदी ने 23 जुलाई की देर रात को जारी किया था। इसके बाद पीएम मोदी ने 24 जुलाई की देर रात मोबाइल के सेल्फी कैमरे से रिकॉर्ड किए गए वीडियो को जारी किया था। वहीं, अब तीसरी बार धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद जारी किया गया है। इस वीडियो में पीएम मोदी ने खास तौर पेपर लीक पर बनाए जाने वाले कठोर कानून का जिक्र किया है।
जानिए कौन हैं नंदन नीलेकणि

नंदन नीलेकणि भारत के जाने-माने उद्योगपति, टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ और इन्फोसिस के सह-संस्थापक एवं चेयरमैन हैं। नंदन नीलेकणि साल 2009 से 2014 तक यूआईडीएआई के चेयरमैन रहे और इसी दौरान आधार प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। इन्हें 2006 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। इन्होंने आईआईटी बॉम्बे से पढ़ाई की है।
बेंगलुरु के एक कोंकणी परिवार में हुआ जन्म
नंदन नीलेकणि का जन्म 2 जून 1955 को बेंगलुरु में एक कोंकणी परिवार में हुआ था। उनकी शुरूआती शिक्षा बेंगलुरु और धारवाड़ में हुई, जिसके बाद उन्होंने देश के शीर्ष संस्थान आईआईटी बॉम्बे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिक की।
2002 से 2007 तक इन्फोसिस के सीईओ रहे नंदन नीलेकणि
साल 1981 में उन्होंने एनआर नारायण मूर्ति और अपने 5 अन्य सहयोगियो के साथ मिलकर इन्फोसिस की नींव रखी थी। वे 2002 से 2007 तक इन्फोसिस के सीईओ रहे, जिस दौरान कंपनी ने वैश्विक स्तर पर नया मुकाम भी हासिल किया। बाद में उन्होंने कंपनी को छोड़ दिया। लेकिन गस्त 2017 में कंपनी के भीतर मचे आंतरिक विवाद के बाद उन्हें गैर-कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में वापस बुलाया गया। वहीं नंदन नीलेकणि ने देश के डिजिटल स्वरूप को बदलने में भी ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।
