अंबाला. दीपावली का त्योहार खुशियों, रोशनी और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. इस दिन लोग अपने घरों को दीपों से सजाते हैं और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करते हैं. दीपावली की अमावस्या को लेकर कई तरह की मान्यताएं भी प्रचलित हैं. इन्हीं मान्यताओं के चलते कुछ लोग इस रात टोने-टोटके से जुड़ी गतिविधियों को लेकर सतर्क रहते हैं. ऐसे में सड़क पर चलते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और अगर किसी अनजान वस्तु पर नजर पड़ जाए तो क्या करना चाहिए. लोकल 18 ने इस बारे में अंबाला के ज्योतिषाचार्य पंडित आरके शर्मा से बात की. पंडित आरके शर्मा बताते हैं कि दीपावली यानी बड़ी अमावस्या के दिन कुछ लोग पारंपरिक मान्यताओं के तहत चौराहों और तिराहों पर टोटके करते हैं.
सड़क पर चलते समय सतर्क रहें और रास्ते में पड़ी किसी अनजान वस्तु को बिना जरूरत न छुएं. चौराहों और तीन रास्तों के मिलन स्थल यानी तिराहों पर पड़ी वस्तुओं को लेकर सावधानी बरतें. अगर कोई व्यक्ति गलती से ऐसी किसी वस्तु को छू ले या उसका पैर उस पर पड़ जाए, तो घबराने के बजाय शांत रहना चाहिए.
ज्योतिषाचार्य पंडित आरके शर्मा बताते हैं कि पारंपरिक मान्यता में पीली सरसों, कपूर की टिक्की और तीन लौंग का इस्तेमाल करके एक उपाय किया जाता है. इन सामग्रियों को व्यक्ति के ऊपर से सात बार घुमाने के बाद जलाने और बची हुई राख को नाली में डालने या किसी पेड़ के नीचे रखने की मान्यता है. हालांकि, कपूर और दूसरी सामग्रियों को जलाते समय आग से सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है. इन्हें खुले और सुरक्षित स्थान पर ही जलाएं. ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें ओर राख को नाली में डाल देना चाहिए.
फंस जाएं तब क्या करें
आरके शर्मा कहते हैं कि जिन लोगों को रात के समय डर लगता है, वे पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार पीली सरसों, पांच काली मिर्च, एक कपूर की टिक्की, एक लाल मिर्च और थोड़ा नमक लेकर पीले या काले कपड़े में बांधते हैं. इस सामग्री को व्यक्ति के ऊपर से उतारकर बहते पानी में प्रवाहित करने की परंपरा भी प्रचलित है. अगर किसी व्यक्ति को रात में डर महसूस होता है, तो वह मंदिर जाकर हनुमान चालीसा का पाठ कर सकता है. अगर किसी को रात के समय डर लगता है तो वह हनुमान मंदिर में जाकर भगवान के चरणों का सिंदूर अपने माथे पर लगा लें. किसी भी तरह भी नकारात्मक ऊर्जा उसके आसपास नहीं रहती है.
