Haryana News: हरियाणा सरकार के अलग-अलग विभागों के IDFC First Bank और AU Small Finance Bank में रखे सरकारी फंड में कथित हेराफेरी के मामले में CBI ने बुधवार को तीसरी चार्जशीट दाखिल की। विशेष CBI अदालत, पंचकूला में दाखिल इस चार्जशीट में 19 आरोपियों को नामजद किया गया है। इनमें हरियाणा कैडर के छह IAS अधिकारी, IDFC First Bank के तीन अधिकारी, AU Small Finance Bank का एक अधिकारी और हरियाणा सरकार के नौ अन्य अधिकारी शामिल हैं।
सुनियोजित तरीके से किया गबन
CBI के अनुसार जांच में सामने आया कि आरोपी सरकारी कर्मचारियों ने दोनों बैंकों के अधिकारियों के साथ कथित मिलीभगत कर सुनियोजित तरीके से सरकारी धन के गबन की योजना को अंजाम दिया। हरियाणा सरकार के आठ विभागों के फंड को विभिन्न सूचीबद्ध बैंकों से IDFC First Bank और AU Small Finance Bank की चुनिंदा शाखाओं में स्थानांतरित किया गया। इसके बाद इन खातों से धन को कथित तौर पर ऐसे तीसरे पक्षों को ट्रांसफर किया गया, जिनका सरकारी विभागों से कोई संबंध नहीं था। रकम को कई बैंक खातों के जरिए लेयरिंग करने के बाद नकद में बदला गया।
कुल 504 करोड़ रुपये का घोटाला
इस मामले में पंचायत विभाग, पंचकूला और कालका नगर निगम, हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (HSSPP), हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड (HLWB), हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB), हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) और हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPGCL) प्रभावित हुए हैं। CBI ने घोटाले की कुल राशि 504 करोड़ रुपये बताई है।
इन धाराओं के तहत हुई कार्रवाई
CBI ने आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, सबूत नष्ट करने, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों को असली बताकर इस्तेमाल करने, खातों में हेराफेरी, आपराधिक विश्वासघात और उकसावे सहित BNS की धाराओं के तहत कार्रवाई की है। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिश्वत और आपराधिक कदाचार के आरोप भी लगाए गए हैं।
CBI को दी गई जांच की जिम्मेदारी
CBI के मुताबिक, इस मामले की जांच राज्य सरकार के अनुरोध पर हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से CBI ने अपने हाथ में ली थी। इससे पहले CBI 18 अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। नई चार्जशीट के बाद इस मामले में अब तक कुल 37 आरोपियों को चार्जशीट किया जा चुका है। जांच के दौरान CBI ने 54 स्थानों पर तलाशी ली, करीब ₹20 करोड़ मूल्य का सोना समेत कई आपत्तिजनक साक्ष्य जब्त किए और अब तक 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
CBI ने चंडीगढ़ से जुड़े दो अन्य मामलों की जांच भी अपने हाथ में ली है। इनमें एक मामला Chandigarh Smart City Limited (CSCL) और नगर निगम चंडीगढ़ से संबंधित है, जबकि दूसरा CREST से जुड़ा है। दोनों मामलों में चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी है। तीनों मामलों में अन्य संदिग्धों और आरोपियों के खिलाफ जांच जारी रहेगी।


