सरकार द्वारा किए गए समझौतों का दिखेगा असर, भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर रह सकता है अगला वर्ष
Business News (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : वर्ष 2025 में आधे से ज्यादा समय विश्व के सभी प्रमुख देशों के लिए टैरिफ के साये में बीता। इस दौरान लगभग सभी देशों में अमेरिकी टैरिफ का खौफ नजर आया और वैश्विक स्तर पर व्यापार के मायने बदले। इसका सीधा असर अर्थव्यवस्थाओं की विकास दर पर पड़ा। इस दौरान अमेरिका ने भारत पर भी 50 प्रतिशत तक उच्च टैरिफ लगा दिया। इस टैरिफ का नकारात्मक असर भारतीय सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ने दिया। एक तरफ जहां सरकार ने जीएसटी दरों में परिवर्तन करते हुए घरेलू बाजार को राहत प्रदान की वहीं उन सभी व्यापार समझौतों को तेजी से पूरा किया जो पिछले कई साल से अटके पड़े थे।
इस कारण भारत में आएगा विदेशी निवेश
बड़े निवेशों की घोषणाओं, व्यापार करने में आसानी को बेहतर बनाने के प्रयासों और निवेश से जुड़े नए व्यापार समझौतों के समर्थन से अगले साल देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में मजबूत वृद्धि दर्ज होने की उम्मीद है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने इस वर्ष एफडीआई को बढ़ावा देने के तरीकों पर हितधारकों के साथ कई बैठकें की हैं।
नवंबर में वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने प्रक्रियाओं को तेज, सुगम और कुशल बनाकर अधिक निवेश आकर्षित करने के तरीकों पर भी परामर्श किया। निवेशक अनुकूल नीतियां और नियामक प्रक्रियाएं ठीक की गई हैं। निवेश पर मजबूत रिटर्न और अनुपालन संबंधी बोझ में कमी आई है। उद्योग से संबंधित छोटी गलतियों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना और मंजूरी प्रक्रियाओं को सरल बनाने जैसे ये कुछ ऐसे प्रमुख उपाय हैं जो वैश्विक चुनौतियों के बावजूद विदेशी निवेशकों को भारत की ओर आकर्षित कर रहे हैं।
2024-25 में इतना एफडीआई भारत आया
2024-25 में वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) रिकॉर्ड 80.5 अरब डॉलर से अधिक रहा जनवरी-अक्तूबर, 2025 के दौरान यह 60 अरब डॉलर से अधिक हो गया है। यह मार्च अंत तक 80.62 अरब डॉलर तक जा सकता है। सरकार के उठाए गए विभिन्न कदमों के कारण भारत ने पिछले 11 वर्षों में उल्लेखनीय निवेश आकर्षित किया है। भारत चार देशों के यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के साथ अपने मुक्त व्यापार समझौते पर भी भरोसा कर रहा है। इसके तहत इस समूह ने 15 वर्षों में देश में 100 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।
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