कहा, अमेरिका के नए टैरिफ का भारत पर क्या प्रभाव पड़ेगा अभी कहना मुश्किल
Nirmala Sitharaman (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक बार फिर से इस बात पर जोर दिया है कि भविष्य में भारत एक देश पर निर्भर न रहकर अपने व्यापार का दायरा बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछला लगभग एक साल पूरी दुनिया के प्रमुख देशों के लिए काफी कुछ सीखने का समय रहा। भारत ने इस अवधि में बहुत कुछ सीखा और वर्तमान में हम अपने व्यापार का दायरा बढ़ाने को प्रयासशील हैं। वैश्विक बाजार में भारत की मजबूत स्थिति पर जोर देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि देश वैश्विक बाजार पहुंच का विस्तार करने के लिए विभिन्न देशों के साथ व्यापार समझौते करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
पिछले कुछ समय में ये अहम समझौते किए
इस दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि अपनी व्यापारिक नीति का विस्तार करते हुए पिछले कुछ समय में भारत ने आॅस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, यूएई, कतर और ओमान जैसे देशों के साथ-साथ यूरोपीय संघ और यूके जैसे बड़े व्यापारिक गुटों के साथ व्यापार समझौते कर लिए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई अन्य देशों के साथ भी व्यापार समझौतों पर बातचीत अंतिम दौर में है और अमेरिका भी उनमें से एक है। सीतारमण ने साफ किया कि भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार से अपनी अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करना चाहता है और वैश्विक बाजारों के साथ लगातार जुड़ना जारी रखना चाहता है।
अमेरिकी घटनाक्रम पर यह बोलीं वित्त मंत्री
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की ओर से डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के पूर्व में लगाए गए व्यापक आयात शुल्कों को खारिज किए जाने के बाद नए सिरे से व्यापारिक तनाव पैदा हो गया है। इसके बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने 24 फरवरी से भारत सहित सभी देशों से होने वाले आयात पर 150 दिनों के लिए 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, जिसे एक दिन बाद ही बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया।
इन बदलावों के संभावित प्रभाव पर पूछे जाने पर वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, “वाणिज्य मंत्रालय स्थिति की जांच कर रहा है और एक प्रतिनिधिमंडल आगे की व्यापार वातार्ओं के समय पर फैसला करेगा”। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि इस विषय पर अभी टिप्पणी करना थोड़ा जल्दबाजी होगी।
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