कहा, यदि इसी तरह बढ़ती रही कीमतें तो देश की अर्थव्यवस्था पर होगा बुरा असर
Petrol-diesel Prices (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने का सबसे ज्यादा अगर असर किसी वस्तु पर हुआ है तो वह है कच्चा तेल और एलपीजी की आपूर्ति। कच्चे तेल की आपूर्ति कम होने से कंपनियों को महंगे दाम पर इसे आयात करना पड़ रहा है। जिससे लागत बढ़ गई है। इसका नतीजा यह निकला की कंपनियों को घाटा कम करने के लिए पेट्रोल और डीजल के दाम भी बढ़ाने पड़े। हालांकि रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया की मोद्रिक नीति की बैठक में इसपर चिंता व्यक्त की गई।
इसके साथ ही आरबीआई ने केंद्र सरकार और तेल कंपनियों को भी इनकी कीमतों को काबू में रखने की राय दी है। आरबीआई ने कहा है कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें आने वाले महीनों में आम लोगों की जेब पर और ज्यादा बोझ डाल सकती हैं। इसके साथ ही उसने चेतावनी दी कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी का सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा और इससे खुदरा महंगाई में करीब 0.36 प्रतिशत यानी 36 बेसिस प्वाइंट तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के होते हैं दीर्घकालिक प्रभाव
इस बात पर विस्तार से चर्चा करते हुए आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि मई महीने से अब तक पेट्रोल की कीमतों में कुल 7.4 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में 8.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसका असर केवल यहीं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि धीरे-धीरे अन्य वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर भी दिखाई देगा।
उन्होंने कहा कि जब पेट्रोल और डीजल महंगे होते हैं, तो परिवहन की लागत बढ़ जाती है। ट्रक, बस, टैक्सी और माल ढुलाई सेवाओं का खर्च बढ़ने से फल, सब्जियां, अनाज, दूध और अन्य जरूरी सामान बाजार तक पहुंचाने की लागत भी बढ़ जाती है इसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ता है और वस्तुओं की कीमतें बढ़ने लगती हैं।
देश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर
आरबीआई का मानना है कि महंगे ऊर्जा उत्पाद और सप्लाई में रुकावटें आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि देश में घरेलू मांग अभी मजबूत बनी हुई है और मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में विस्तार जारी है। फिर भी अगर तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो महंगाई और बढ़ सकती है। इससे आम लोगों का खर्च बढ़ेगा, कंपनियों की लागत बढ़ेगी और आर्थिक विकास की रफ्तार पर भी असर पड़ सकता है।
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