पेट्रोल-डीजल से लेकर सोने तक हो सकता है सब महंगा
Business News (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : ईरान पर अमेरिका और इजरायल मिलकर हमले कर रहे हैं। शुरुआती हमलों में ही ईरान के सर्वोच्च नेता सहित 48 अन्य अहम नेताओं की मौत हो चुकी है। सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की मौत के बाद ईरान में 40 दिन के शोक की घोषणा कर दी गई है। दूसरी तरफ अमेरिका और इजरायल के हमले अभी भी जारी हैं।
अमेरिकी राष्टÑपति ने एक वीडियो संदेश जारी करके कहा है कि यह युद्ध करीब चार सप्ताह और चलेगा। यदि ऐसा होता है तो न केवल ईरान को बहुत ज्यादा क्षति होगी बल्कि इस युद्ध का असर वैश्विक स्तर पर भी दिखाई देगा। इस युद्ध के असर से भारत का बचना भी मुश्किल है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि युद्ध जल्द न रुका और स्थिति सामान्य न हुई तो भारत में पेट्रोलियम पदार्थों से लेकर सोने तक के दाम में तेजी आएगी। वहीं भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट भी देखने को मिल सकती है।
इस तरह पड़ेगा कीमतों पर असर
ज्ञात रहे कि भारत अपनी पैट्रोलियम जरूरतों को पूरा करने के लिए दूसरे देशों पर निर्भर है। भारत द्वारा आयात किए जा रहे क्रूड आॅयल का बड़ा हिस्सा होर्मुज के रास्ते आता है ईरान इस रास्ते को ब्लॉक करता है, तो इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की सप्लाई घट जाएगी और कीमतें 100 से 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। जो फिलहाल ब्रेंट क्रूड 70 डॉलर प्रति बैरल के आस-पास ट्रेड कर रहा हैं। यदि ऐसा होता है तो लागत बढ़ने के साथ ही पेट्रोल-डीजल के दाम भी बढ़ सकते हैं। दाम बढ़ाने के लिए भारत की प्रमुख पेट्रोलिंग कंपनियां स्वतंत्र हैं लेकिन दामों में वृद्धि का अंतिम फैसला सरकार लेती है।
दो लाख के करीब पहुंच सकता है सोना
कमोडिटी विशेषज्ञों के मुताबिक सोना 1.60 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1.90 लाख रुपए तक जा सकता है। चांदी 2.67 लाख रुपए किलो है जो बढ़कर 3.50 लाख तक पहुंच सकती है। युद्ध के समय निवेशक ‘सोने’ को सुरक्षित मानते हैं। वहीं मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार शेयर बाजार में 1-1.5% की गिरावट आ सकती है। यानी, सोमवार को सेंसेक्स 1300 अंक और निफ्टी 300 अंक तक गिर सकता है। युद्ध जैसे तनाव के समय निवेशक बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित जगह निवेश करते हैं।
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