पीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में पश्चिम एशिया तनाव पर हुई चर्चा, पीएम आवास पर रविवार देर रात हुई बैठक
CCS Meeting On US-Iran War (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : ईरान पर अमेरिका और इजरायल हमले से जहां पश्चिम एशिया में हालात बिगड़ गए हैं। वहीं इस युद्ध से पैदा हुई स्थिति पर भारत लगातार नजर बनाए हुए हैं। यही कारण है कि अपने दो दिवसीय दौरे के बाद रविवार रात जब पीएम मोदी वापस दिल्ली लौटे पीएम मोदी के आवास पर करीब साढ़े 9 बजे कैबिनेट कमिटी आॅन सिक्योरिटी (सीसीएस) की हाई-लेवल बैठक हुई है।
इस बैठक में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण, एनएसए अजीत डोभाल और विदेश सचिव विक्रम मिसरी मौजूद रहे। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फैसलों के लिए सबसे बड़ी संस्था है, जिसमें प्रधानमंत्री और रक्षा, गृह, विदेश और वित्त मंत्री शामिल रहे।
बैठक में इन मुद्दों पर की गई चर्चा
इस बैठक में भारत के रणनीतिक हितों पर पड़ने वाले असर की समीक्षा की गई है, जिसमें इस क्षेत्र में, खासकर यूएई और दूसरे खाड़ी देशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, एनर्जी सिक्योरिटी, समुद्री रास्ते और कूटनीतिक स्थिति शामिल हैं। पश्चिम एशिया संकट में भारत ने संतुलित रुख बनाए रखा है, अपने नागरिकों और आर्थिक संबंधों की रक्षा करते हुए तनाव कम करने की वकालत की है। सूत्रों का कहना है कि चर्चा में जरूरत पड़ने पर लोगों को निकालने के लिए इमरजेंसी प्लान, तेल की कीमतों पर असर और इंटरनेशनल साझेदारों के साथ तालमेल शामिल हो सकता है।
भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की
भारत ने पहले ही आधिकारिक बयान जारी कर सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि तनाव बढ़ाने से बचना और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। भारत ने स्पष्ट किया कि संवाद और कूटनीति ही संकट का समाधान है तथा सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान जरूरी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची से फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने भारत की गहरी चिंता से उन्हें अवगत कराया। इसके साथ ही एस जयशंकर ने इजरायल के विदेश मंत्री गिडोन सार से भी बात की और स्थिति का जायजा लिया।
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