पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का कच्चे तेल की सप्लाई पर पड़ा असर, देश के पास केवल 25 दिन का स्टॉक बचा
Petrol-Diesel Shortage (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले लगातार जारी हैं। इन हमलों के जवाब में ईरान भी कई अन्य देशों को निशाना बना रहा है। जिससे समस्त पश्चिम एशिया में तनाव और युद्ध की स्थिति बनी हुई है। इस युद्ध का पूरे विश्व को जो सबसे बड़ा नुकसान हो रहा है वह है ईरान द्वारा स्ट्रÑैट आॅफ होर्मुज को बंद करने का ऐलान।
ज्ञात रहे कि विश्व सप्लाई चेन का यह सबसे अहम मार्ग है। इस मार्ग के बंद होने से विश्व सप्लाई चेन बुरी तरह से प्रभावित हुई है। जिसका सबसे बड़ा असर विश्व में कच्चे तेल की सप्लाई पर हो रहा है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। हमारे देश में पेट्रोल डीजल की मांग बहुत अधिक है जबकि हमें अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पूरी तरह से आयात पर निर्भर रहना पड़ता है।
सरकारी सूत्रों के द्वारा यह जानकारी आई सामने
कुछ सरकारी सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार भारत के पास केवल 25 दिनों का क्रूड आॅयल यानी कच्चा तेल और रिफाइंड आॅयल का स्टॉक बचा है। ऐसे में जहां अमेरिका यह कह चुका है कि वह ईरान में लंबी लड़ाई के लिए तैयार है तो जाहिर है कि आने वाले दिनों में देश में पेट्रोल और डीजल की किल्लत हो सकती है। जैसे ही सरकारी सूत्रों की तरफ से यह जानकारी सामने आई तो प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सरकार पर जोरदार हमला शुरू कर दिया है।
आंकड़े सामने आने के बाद कांग्रेस ने सरकार से पूछा कि हमारा तेल किसने चुराया। कांग्रेस ने कहा कि 9 फरवरी को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राज्यसभा में बताया था कि हमारे पास 74 दिनों का पेट्रोलियम रिजर्व है और चिंता की कोई बात नहीं है। लेकिन युद्ध शुरू हुए अभी केवल चार ही दिन हुए हैं और सरकार कह रही है कि केवल 25 दिन का ही तेल बचा है। कांग्रेस ने सवाल किया- हमारे लाखों बैरल तेल रिजर्व किसने चुराए।
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