अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के चलते सिग्नल जैमिंग के चलते आई समस्या
Strait of Hormuz (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध 12वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इस युद्ध से न केवल पश्चिम एशिया को नुकसान झेलना पड़ रहा है बल्कि इससे दुनिया भर में स्थिति गड़बड़ा गई है। विश्व व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता जोकि होर्मुज जलडमरूमध्य है लगभग बंद हो चुका है। जिससे विश्व व्यापार प्रभावित हो रहा है। अब इस होर्मुज जलडमरूमध्य में सिग्नल जैमिंग की समस्या सामने आ रही है। जिससे यह एक रहस्यमयी ‘ब्लाइंड स्पॉट’ बन गया है।
इससे हालात यह हैं कि जहाजों के नेविगेशन सिस्टम काम करना बंद कर चुके हैं और दुनिया की कच्चे तेल की सप्लाई चेन बुरी तरह चरमरा गई है। होर्मुज में जारी इस नेविगेशन और सुरक्षा संकट ने शिप ओनर्स और कारोबारियों की चिंताएं कई गुना बढ़ा दी हैं, क्योंकि युद्ध के खतरे से जुड़े बीमा प्रीमियम लगातार आसमान छू रहे हैं। जब तक इलेक्ट्रॉनिक ‘सिग्नल जैमिंग’ बंद नहीं होती और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक ग्लोबल एनर्जी सप्लाई और तेल की कीमतों पर अनिश्चितता का भारी दबाव बना रहेगा।
200 से अधिक जहाज रास्ते से भटके
ब्लूमबर्ग द्वारा जुटाए गए ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, होर्मुज के पास जहाजों के कम से कम एक दर्जन क्लस्टर (समूह) दिखाई दिए हैं, जिनमें से कुछ समूहों में 200 से अधिक जहाज तक शामिल हैं। ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स पर ये जहाज अजीबोगरीब आकृतियां बनाते दिख रहे हैं; उदाहरण के लिए, अबू धाबी के पास जहाजों का एक गोलाकार समूह दिखा है, तो वहीं संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रुवाइस के तट पर बना हुआ है। ओमान की खाड़ी में भी कई जहाजों का समूह है, जो शायद तनाव कम होने या लोडिंग की स्पष्ट तारीखें मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
इसलिए खतरनाक है यह स्थिति
भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध के समय सेनाएं अक्सर ‘इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर’ का सहारा लेती हैं। इसी कारण इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग के जरिए जहाजों के नेविगेशन सिस्टम में बाधा डाली जा रही है। स्टारबोर्ड मैरीटाइम इंटेलिजेंस के विश्लेषक मार्क डगलस के अनुसार, स्थिति इतनी ‘अभेद्य हो गई है कि ट्रैकिंग डेटा के जरिए किसी भी जहाज का सटीक स्थान बता पाना लगभग असंभव है। कोई भी जहाज नेविगेशन के लिए जीपीएस पर भरोसा नहीं कर सकता। जैमिंग से जहाजों की स्पीड भी गलत दर्ज हो रही है; जैसे 16 नॉट्स की अधिकतम स्पीड वाला ‘एस्प्रौडा’ प्रोडक्ट टैंकर ट्रैकिंग में 102.2 नॉट्स (लगभग 190 किमी/घंटा) की असंभव गति से चलता हुआ दिखाई दिया।
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