कहा, यदि ऐसा नहीं हुआ तो विश्व के कई देशों में बढ़ सकता है भूख संकट
West Asia Crisis (द भारत ख़बर), तेहरान : अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध से पश्चिम एशिया में उपजी स्थिति से लगातार मुश्किल परिस्थितियां उत्पन्न हो रहीं हैं। ऐसे में अब संयुक्त राष्ट्र की खाद्य एजेंसी ने चेतावनी दी है कि अगर पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध जून तक जारी रहता है, तो दुनिया भर में भूख का संकट और गहरा सकता है। वर्तमान में लगभग 31.9 करोड़ लोग गंभीर भूख का सामना कर रहे हैं। यदि संघर्ष बढ़ा, तो लगभग 4.5 करोड़ और लोग तीव्र भूख का शिकार हो सकते हैं।
वैश्विक खाद्य आपूर्ति बुरी तरह हो रही प्रभावित
एजेंसी ने कहा कि इस संघर्ष के कारण वैश्विक खाद्य आपूर्ति श्रृंखला बुरी तरह प्रभावित हो रही है। खाद्य और ईंधन की बढ़ती कीमतों से लाखों परिवारों के लिए रोजमर्रा का भोजन खरीदना मुश्किल हो सकता है, खासकर अफ्रीका और एशिया में। विशेषज्ञों के अनुसार, कोविड-19 महामारी और 2022 के यूक्रेन युद्ध के बाद यह सबसे बड़ा वैश्विक खाद्य संकट बन सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ती चिंता
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति अब युद्ध से पहले जैसी नहीं रहेगी। हालांकि उन्होंने इस पर ज्यादा विस्तार नहीं दिया, लेकिन उनके बयान से क्षेत्र में लंबे समय तक तनाव बने रहने के संकेत मिलते हैं।
ईरान हार मानने वाला नहीं : विदेश मंत्री
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा है कि किसी एक या दो शीर्ष नेताओं की हत्या से देश की व्यवस्था पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान की राजनीतिक प्रणाली मजबूत संस्थाओं पर आधारित है, इसलिए किसी व्यक्ति के जाने से सिस्टम नहीं हिलता। उन्होंने कहा कि ईरान हार मानने वालों में से नहीं है। उन्होंने कहा कि हम अपने खून के आखिरी कतरे तक संघर्ष करते रहेंगे।
अमेरिका ने ईरान पर किए ताजा हमले
दूसरी तरफ अमेरिका ने बुधवार अलसुबह ईरान पर ताजा हमले किए। कुछ ही समय पहले यूएस सेंट्रल कमांड ने बताया कि अमेरिकी बलों ने ईरान के समुद्र-किनारे स्थित कड़े सुरक्षा वाले मिसाइल ठिकानों पर 5,000 पाउंड वजन के गहरे प्रहार करने वाले हथियार का सफलतापूर्वक प्रयोग किया। यह इलाका हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास है। इनके अनुसार इन ठिकानों में रखी गई मिसाइलें अंतरराष्ट्रीय समुद्री जहाजों के लिए खतरा पैदा कर रही थीं, इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया।
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