ईरान ने अमेरिका को भेजा नया वार्ता प्रस्ताव, ट्रंप बोले, हमारे पास सभी विकल्प
West Asia Crisis (द भारत ख़बर), तेहरान : अमेरिका और ईरान में सीजफायर हुए करीब एक माह होने को है। इस अवधि के दौरान दोनों देशों के बीच स्थाई शांति बहाल करने के लिए कई दौर की वार्ता हो चुकी है लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। इसी बीच ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को एक नया वार्ता प्रस्ताव भेजा है।
जिसमें ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान की नाकाबंदी को हटाने की मांग भी शामिल है। इसके साथ ही प्रस्ताव में लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करने की मांग की गई है। ईरान का यह प्रस्ताव वॉशिंगटन की ओर से पहले भेजे गए नौ सूत्रीय प्रस्ताव के जवाब में आया है, जिसमें कथित तौर पर दो महीने के संघर्ष विराम की समय-सीमा शामिल थी।
ईरान के प्रस्ताव पर अमेरिका का जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि मैं जल्द ही ईरान की ओर से भेजे गए प्रस्ताव की समीक्षा करूंगा, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह स्वीकार्य होगा क्योंकि उन्होंने पिछले 47 वर्षों में मानवता और दुनिया के साथ जो किया है, उसके लिए उन्होंने अभी तक पर्याप्त कीमत नहीं चुकाई है। वहीं, इससे पहले भेजे गए ईरानी प्रस्ताव पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने असहमति जताई थी। उन्होंने इस बात पर संदेह जताया था कि क्या कोई अंतिम समझौता हो सकता है।
ईरान ने 30 दिन में स्थाई समाधान पर जोर दिया
हालांकि, तेहरान ने किसी भी विस्तारित अंतरिम व्यवस्था को अस्वीकार कर दिया है। इसके बजाय ईरान ने 30 दिनों के भीतर एक व्यापक समाधान पर जोर दिया है, जिसे अस्थायी युद्धविराम के बजाय स्थायी युद्ध की समाप्ति के रूप में देखा जाएगा। ईरान के प्रस्ताव में कड़ी सुरक्षा गारंटी शामिल हैं।
इसमें भविष्य में ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य आक्रामकता को रोकने की मांग की गई है। साथ ही अमेरिका को ईरान के आसपास के इलाके से सेना वापस बुलाने की मांग भी की गई है। इसमें मौजूदा नौसैनिक प्रतिबंधों और नाकाबंदी को हटाने के साथ-साथ विदेशों में जब्त की गई ईरानी संपत्तियों को मुक्त करने की मांग शामिल है। वहीं, तेहरान द्वारा प्रतिबंधों और सैन्य दबाव के कारण हुए नुकसान के लिए मुआवजे की मांग भी की गई है।

