विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए मैन्युफैक्चरिंग, आत्मनिर्भरता और सप्लाई चेन को मजबूत करना बेहद अहम
Developed India 2047 (द भारत ख़बर), सूरत : केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सूरत में आयोजित दो-दिवसीय ‘वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस’ (दक्षिण गुजरात) के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए मैन्युफैक्चरिंग (विनिर्माण) क्षमता, आत्मनिर्भरता और सप्लाई चेन को मजबूत करना बेहद अहम है।
नड्डा ने स्पष्ट किया कि देश के भीतर अधिक निर्माण और नवाचार करने तथा महत्वपूर्ण कमजोरियों को दूर करने की सख्त जरूरत है। ‘विकसित भारत’ के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए निरंतर उच्च विकास दर, औद्योगिक क्षमता का विस्तार, निर्यात में वृद्धि और वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत एकीकरण अनिवार्य है। इसके अलावा, उन्होंने सप्लाई चेन में आने वाली बाधाओं, तकनीकी नियंत्रणों और संसाधनों की रुकावटों जैसे गंभीर मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने का भी आह्वान किया।
रणनीतिक निर्भरता कम करना जरूरी
उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक संकट और अनिश्चितताओं के बीच भारत को अपनी घरेलू क्षमता बढ़ाने और रणनीतिक निर्भरता कम करने की आवश्यकता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मजबूत अर्थव्यवस्था का अर्थ केवल विकास नहीं है, बल्कि इसमें लचीलापन और रणनीतिक स्वायत्तता का होना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हालिया वैश्विक अनिश्चितता इस बात का संकेत है कि हमें संकट को अवसर में बदलना चाहिए और क्षेत्रीय सम्मेलनों के जरिए अपने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर अधिकतम ध्यान देना चाहिए।
गुजरात में निवेश और रोजगार के बड़े मौके
गुजरात सरकार ने राज्य में निवेश और रोजगार सृजन की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल की है। सूरत में आयोजित दो दिवसीय ‘वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस’ (दक्षिण गुजरात) के दौरान 3,53,306 करोड़ रुपये के 2,792 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इन विशाल निवेश परियोजनाओं के लागू होने से आने वाले वर्षों में क्षेत्र के 2.82 लाख युवाओं के लिए सीधे रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। राज्य के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सम्मेलन के समापन समारोह में यह अहम जानकारी साझा करते हुए इसे एक बड़ा मील का पत्थर करार दिया।
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