कहा, पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर हमारे देश पर पड़ना स्वाभाविक
Business News Update (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर संयुक्त रूप से किए जा रहे हमलों और इससे पश्चिम एशिया में पैदा हुई स्थिति पर देश के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने चिंता व्यक्त की है। गोयल ने कहा कि जब भी इस तरह की परिस्थितियां पैदा होती हैं तो इनका विश्व पर बुरा प्रभाव पड़ना तय होता है। गोयल ने कहा कि इस युद्ध ने जहाजों की आवाजाही को बाधित कर दिया है और वैश्विक बाजारों में तेल की कीमतों को बढ़ा दिया है।
गोयल ने कहा कि युद्ध चल रहा है, हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है। भारत किसी भी तरह से युद्ध में शामिल नहीं है। लेकिन जब युद्ध चल रहा होता है, तो नुकसान तो होता ही है, मुश्किलें भी आती हैं, हो सकता है कि मालाबार को मध्य पूर्व के देशों में निर्यात करने में कठिनाई हो रही हो। लेकिन यही वह समय है जब राष्ट्र को एकजुट होना होगा। राष्ट्र को मिलकर इस दौर की चुनौतियों का सामना करना होगा।
हमने 38 देशों के साथ नौ एफटीए किए
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने 38 विकसित देशों को शामिल करने वाले नौ क्षेत्रों के साथ नौ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए)किए हैं। उन्होंने कहा कि ये समझौते वैश्विक व्यापार के लगभग दो-तिहाई हिस्से तक तरजीही बाजार पहुंच प्रदान करते हैं और इस बात पर जोर दिया कि भारतीय उद्योग, किसानों, लघु एवं मध्यम उद्यमों और कारीगरों को गुणवत्ता पर मजबूत ध्यान केंद्रित करके इन अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल मालाबार चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से 2026-27 के लिए राष्ट्रीय सीएसआर घोषणा और छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम के शुभारंभ को संबोधित कर रहे थे।
भारतीय जहाज हॉर्मुज से सुरक्षित निकल रहे
पीयूष गोयल ने कहा कि यह भारत की कूटनीति ही है कि जहां हॉर्मुज में दुनिया के अलग-अलग देशों के सैकड़ों जहाज फंसे हुए हैं वहीं ईरान ने अब तक गैस से लदे चार पोत सुरक्षित निकाले हैं जिससे भारत को करीब 192 लाख मीट्रिक टन एलपीजी मुहैया हुई है जिससे देश में एलपीजी का वितरण सुचारू रखने में मदद मिली है।
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