अमेरिका-ईरान के बीच वर्तमान में जारी तनाव से बढ़ी कीमतें
Crude Oil Price (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : पिछले कुछ दिन से अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य की घेराबंदी को लेकर नया तनाव पैदा हो चुका है। एक तरफ जहां ईरान ने अमेरिकी युद्ध पोत पर हमला किया तो वहीं अमेरिका ने पलटवार करते हुए ईरान की कई बोट तबाह कर दी। जिससे तनाव दोबारा से शिखर की तरफ अग्रसर हो गया है। इसके चलते ब्रेंट क्रूड आॅयल (कच्चा तेल) की कीमतों में बड़ा उछाल आया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड 0.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 100.30 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर कारोबार कर रहा था। एक तरफ जहां कच्चे तेल का 100 डॉलर के पार जाना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी है, वहीं स्थानीय स्तर पर निवेशकों का मुनाफावसूली पर जोर देना यह बताता है कि वे बाजार में जोखिम लेने से बच रहे हैं।
आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान के बीच का कूटनीतिक रुख और वैश्विक स्तर पर डॉलर की चाल ही यह तय करेगी कि क्रूड आॅयल के दाम किस तरफ जाते हैं। यदि क्रूड आॅयल लगातार 100 डॉलर से ऊपर रहता है तो भारतीय तेल कंपनियों का घाटा लगातार बढ़ता रहेगा और भारत में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि का दबाव बना रहेगा।
शुक्रवार को एशिया के ज्यादात्तर बाजार टूटे
शुक्रवार को एशियाई बाजार भी बड़े पैमाने पर गिरावट के साथ बंद हुए। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.35 प्रतिशत गिरकर 62,613 पर, सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स 0.41 प्रतिशत फिसलकर 4,921 पर, हांगकांग का हैंग सेंग 0.92 प्रतिशत टूटकर 26,383 पर और ताइवान का इंडेक्स 0.79 प्रतिशत के नुकसान के साथ 41,603 पर बंद हुआ। इसी के चलते घरेलू बाजार दबाव में रहे और दोनों प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक लाल निशान में बंद हुए।
सेंसेक्स और निफ्टी में इतनी गिरावट
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बाजार में लगातार बिकवाली का दबाव बना रहा। प्रमुख शेयर सूचकांक बीएसई (बीएसई) सेंसेक्स 516.33 अंकों (0.66 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 77,328.19 के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 50 इंडेक्स भी 150.50 अंक (0.62 प्रतिशत) फिसलकर 24,176.15 के स्तर पर आ गया।
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