बीएसई सेंसेक्स 1,186.77 अंक, एनएसई निफ्टी 348 अंक ऊपर हुआ बंद
Share Market Update (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : पिछले कई सत्र की निराशा के बाद आखिरकार भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों में नया वित्त वर्ष का पहला दिन यानी बुधवार कुछ राहत भरा रहा। अमेरिकी राष्टÑपति डोनाल्ड ट्रंप का जैसे ही बयान आया कि अमेरिका दो से तीन सप्ताह में ईरान युद्ध समाप्त कर देगा। इससे दुनिया भर के शेयर बाजारों में तेजी लौट आई। इसी वैश्विक तेजी का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी हुआ। पिछले कई सत्र की गिरावट से उभरते हुए शेयर बाजार में शानदार खरीदारी हुई। इसी के चलते दिन का कारोबार समाप्त होने के समय सेंसेक्स और निफ्टी में अच्छी बढ़त दिखाई दी।
इस तरह रहा वित्त वर्ष का पहला दिन
नए वित्तीय वर्ष की शानदार शुरुआत करते हुए, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,186.77 अंक या 1.65 प्रतिशत बढ़कर 73,134.32 पर बंद हुआ। दिन के दौरान, इसमें 2,017.03 अंक या 2.80 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 73,964.58 पर पहुंच गया। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 348 अंक या 1.56 प्रतिशत चढ़कर 22,679.40 पर बंद हुआ। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से ट्रेंट, इंटरग्लोब एविएशन, अदानी पोर्ट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, स्टेट बैंक आॅफ इंडिया और इटरनल प्रमुख लाभ कमाने वाली कंपनियों के रूप में उभरीं। एनटीपीसी, सन फार्मा, पावर ग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट और भारती एयरटेल पिछड़ने वाली कंपनियां रहीं।
सोने में मामूली तेजी, चांदी में गिरावट
सोने-चांदी की कीमतों में बुधवार को उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सोना 750 रुपए उछलकर 1.51 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी 1380 रुपए गिरकर 2.40 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार को लगातार तीसरे दिन तेजी दर्ज की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिसमें उन्होंने ईरान के साथ जारी युद्ध के अगले दो से तीन हफ्तों में समाप्त होने की उम्मीद जताई।
सर्राफा बाजार को प्रभावित करने वाले कारक
अमेरिका की ओर से संकेत मिले हैं कि उसने अपने सैन्य लक्ष्य काफी हद तक हासिल कर लिए हैं और अब होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े तनाव को सुलझाने की जिम्मेदारी अन्य देशों को निभानी चाहिए। दूसरी ओर, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भी शर्तों के साथ संघर्ष समाप्त करने की इच्छा जताई है। हालांकि हालिया तेजी के बावजूद मार्च महीने में सोने की कीमतों में करीब 12% की गिरावट दर्ज की गई, जो अक्तूबर 2008 के बाद सबसे बड़ी मासिक गिरावट है।

