कहा, भारत को हमास को एक आतंकवादी संगठन घोषित करना चाहिए
West Asia Crisis (द भारत ख़बर), यरूशलम : इजरायल के विदेशा मंत्री गिदोन सार ने विश्व शांति के लिए आतंकवाद को एक गंभीर खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में आज आतंकवादी संगठन अलग-अलग नाम से फैले हुए हैं और इनका उद्देश्य हिंसा फैलाना और विश्व शांति को भंग करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे संगठनों के खिलाफ सभी को मिलकर लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि इस्राइल पिछले ढाई साल से इस्लामी चरमपंथ के खिलाफ एक गंभीर युद्ध लड़ रहा है, जिसका लक्ष्य इजरायल को खत्म करना है।
उन्होंने इसे एक ‘बहुत बड़ा खतरा’ बताया। सार ने यह भी कहा कि इजरायल ने कई मोर्चों पर बढ़त हासिल की है और उसने इस्लामी चरमपंथ के ‘आतंकी नेटवर्क’ को काफी कमजोर किया है, जिसका नेतृत्व ईरान करता है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष का असर पश्चिम एशिया से बाहर भी देखने को मिलेगा। भारत के साथ सुरक्षा सहयोग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत को हमास को एक आतंकवादी संगठन घोषित करना चाहिए।
यरूशलम और नई दिल्ली में संबंध मजबूत
इजरायली विदेश मंत्री ने कहा कि यरूशलम और नई दिल्ली के बीज संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधों में सकारात्मक बदलाव दिख रहा है। गिदोन सार ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने एक वैश्विक प्रतिनिधिमंडल के साथ जानकारी साझा की। सार ने कहा कि उन्होंने कहा कि उन्हें दुनिया भर से आए सम्मानित हिंदू नेताओं के एक समूह को जानकारी देने का अवसर मिला। इस बातचीत में उन्होंने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और इस्राइल से जुड़े संघर्ष की विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि हमास के संबंध अन्य चरमपंथी संगठनों से हैं, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) भी शामिल है। इस्राइली विदेश मंत्री ने कहा कि इस तरह के संगठनों के बीच वैश्विक स्तर पर जुड़ाव है और ये मिलकर काम करते हैं। इस्राइल पहले ही लश्कर-ए-तैयबा को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है और वह चाहता है कि भारत भी हमास को उसी तरह सूचीबद्ध करे। इस्राइल के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत सरकार इन नेटवर्क और उनके संबंधों के बारे में जानकारी रखती है।

