कहा, पीएम मोदी की अपील का गलत अर्थ निकाल रहे विरोधी दल, देश के पास पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का स्टॉक भरपूर
Petrol-Diesel Crisis (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश के लोगों को की गई अपील के बाद एक बार फिर से बहस शुरू हो गई है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी होने वाली है। इसी के चलते कई जगहों पर लोगों ने इनका स्टॉक जमा करना शुरू कर दिया है। इसी बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक बार फिर से स्पष्ट किया है कि देश में इस तरह की कोई स्थिति नहीं है।
दो दिन में पीएम की दो बार देश की जनता से की गई अपील के बाद पेट्रोलियम मंत्रालय की सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में ऐसी कोई स्थिति नहीं है कि इन जरूरी वस्तुओं की किल्लत हो। उन्होंने कहा कि विपक्ष पीएम मोदी की अपील का गलत अर्थ निकाल रहा है। सुजाता शर्मा ने कहा कि हमारे पास प्रचूर मात्रा में पेट्रोलियम पदार्थ हैं लेकिन यह हमारा सभी का कर्तव्य बनता है कि हम इनका कम से कम प्रयोग करें। ताकि देश की कीमती मुद्रा बचाई जा सके। इसके साथ ही इससे पर्यावरण बचाने में भी मदद मिलेगी। यदि हम वाहनों का कम प्रयोग करेंगे तो प्रदूषण भी कम होगा।
बिना किसी रुकावट हो रही सप्लाई
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में रुकावट जरूर आई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। हालांकि, भारत सरकार ने आम उपभोक्ताओं को बिना किसी असुविधा के ईंधन की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं।
सुजाता शर्मा ने जानकारी दी कि भारत के पास कच्चे तेल (क्रूड आॅयल) का पर्याप्त भंडार है। उन्होंने बताया कि हमारी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और इनमें कोई रुकावट नहीं है। देश के किसी भी पेट्रोल पंप या एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर स्टॉक खत्म होने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और घरों में खाना पकाने के लिए एलपीजी की सप्लाई निरंतर की जा रही है।
घरेलू और कॉमर्शियल एलपीजी की सप्लाई सुचारू
एलपीजी सप्लाई के आंकड़े साझा करते हुए शर्मा ने बताया कि देश भर में डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क सामान्य रूप से काम कर रहा है। पिछले तीन दिनों में 1.14 करोड़ एलपीजी बुकिंग के मुकाबले 1.26 करोड़ घरों में सिलेंडर पहुंचाए गए। इसके अलावा पिछले तीन दिनों में 17,000 टन से ज्यादा कॉमर्शियल एलपीजी की बिक्री हुई। इसी अवधि में 762 टन से ज्यादा आॅटो एलपीजी बेची गई।
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