TMC Merger, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी गुट की ओर से दायर विलय की अर्जी पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला पार्टी के दोनों पक्षों को सुनेंगे। सूत्रों के हवाले से मंगलवार को यह जानकारी सामने आई। इसमें बताया गया है कि ओम बिरला दोनों पक्षों को सुनने के बाद ही मामले में कोई फैसला लेंगे। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) को जारी समन के समय को लेकर स्पीकर के कार्यालय और टीएमसी नेतृत्व के बीच चल रहे तीखे टकराव के बीच यह घटनाक्रम सामने आया है।
स्पीकर कार्यालय ने 15 जून को भेजा था ईमेल
टीएमसी सूत्रों ने बताया कि लोकसभा स्पीकर के कार्यालय ने 15 जून को दोपहर 2 बजे अभिषेक बनर्जी को एक ईमेल भेजा था। जिस समय ईमेल भेजा गया, बनर्जी पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हो रहे थे। इस प्रक्रिया के दौरान उनके पास अपने मोबाइल फोन या पर्सनल ईमेल तक पहुंच नहीं थी। रिपोर्टों के मुताबिक, स्पीकर कार्यालय के संदेश में अभिषेक बनर्जी को दो घंटे का समय दिया गया था और उन्हें उसी दिन शाम 4 बजे तक दिल्ली में स्पीकर से मिलने का निर्देश दिया गया था।
4 बजे की बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे बनर्जी : कीर्ति आजाद
सूत्रों के अनुसार, ईमेल भेजे जाने के एक घंटे के भीतर ही स्पीकर कार्यालय ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद को फोन करके तय अपॉइंटमेंट के बारे में जानकारी दी। कीर्ति आजाद ने स्पीकर कार्यालय जाकर अधिकारियों को बताया कि बनर्जी अभी एक चल रही जांच में सरकारी एजेंसियों का सहयोग कर रहे हैं और ईडी की पूछताछ प्रक्रिया के बीच में हैं। आजाद ने स्पष्ट किया कि इन हालात के कारण बनर्जी शाम 4 बजे की बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे।
पार्टी की ओर से, आजाद ने बैठक के लिए बाद की कोई तारीख और समय मांगा और स्पीकर की कार्यवाही में पूरी तरह सहयोग करने की बनर्जी की इच्छा दोहराई। उम्मीद है कि स्पीकर बागी गुट की विलय की अर्जी पर विचार करेंगे, जिसने टीएमसी के भीतर एक नया कानूनी और राजनीतिक टकराव पैदा कर दिया है। जहां बागी गुट अपने कदम के लिए मान्यता चाहता है, वहीं टीएमसी नेतृत्व अपने सदस्यों को एकजुट रखने और अर्जी की वैधता को चुनौती देने की कोशिश कर रहा है।
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