Manimahesh Yatra 2026: विश्व फेमस श्री मणिमहेश यात्रा को इस बार श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण के साथ आयोजित करने की तैयारी की जा रही है. यात्रा शुरू होने से पहले जिला प्रशासन ने व्यवस्थाओं की समीक्षा शुरू कर दी है. इसी कड़ी में उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बुधवार को अधिकारियों के साथ हड़सर से लेकर पवित्र डल झील मणिमहेश तक पूरे मार्ग का निरीक्षण किया और तैयारियों का जायजा लिया.
प्लास्टिक कचरे पर प्रशासन सख्त
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने यात्रा मार्ग को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए. उन्होंने कहा कि छोटी क्षमता वाली पानी की प्लास्टिक बोतलों, नमकीन और अन्य छोटे प्लास्टिक पैकेटों की बिक्री पर पूरी तरह बैन रहेगा. दुकानदारों को इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
प्रशासन का कहना है कि यात्रा के दौरान सबसे ज्यादा कचरा इसी तरह की प्लास्टिक सामग्री से फैलता है, जिसका सीधा असर मणिमहेश घाटी के नाजुक पर्यावरण और प्राकृतिक सौंदर्य पर पड़ता है. ऐसे में प्लास्टिक कचरे को कंट्रोल करना प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है.
धार्मिक स्थल की गरिमा के लिए तंबाकू उत्पादों पर रोक
उपायुक्त ने यात्रा मार्ग पर बीड़ी, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री रोकने के निर्देश भी दिए. उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्रा की पवित्रता बनाए रखने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए यह कदम जरूरी है.
इसके साथ ही निरीक्षण के दौरान धन्छौ के पास दुनाली क्षेत्र में पैदल पुल और सड़क मरम्मत कार्यों की स्थिति देखी गई. वहीं सुंदरासी से ऊपर ग्लेशियर प्वाइंट तक चल रहे निर्माण एवं सुधार कार्यों की भी समीक्षा की गई. लोक निर्माण विभाग को सभी लंबित कार्यों को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए.
श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान
प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल सुविधा, स्वास्थ्य सेवाओं, शौचालयों, ठहरने के स्थानों और कचरा प्रबंधन की तैयारियों का भी निरीक्षण किया. अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यात्रा अवधि के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े और सभी जरूरी सुविधाएं समय पर उपलब्ध रहें.
यात्रियों के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी
उपायुक्त ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले अपना रजिस्ट्रेशन जरूर करवाएं और मौसम की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा पर निकलें. प्रशासन ने इस साल सभी यात्रियों के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी कर दिया है. बिना रजिस्ट्रेशन किसी भी श्रद्धालु को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी.
प्रशासन का उद्देश्य है कि मणिमहेश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और स्वच्छ माहौल मिले. साथ ही हिमालयी क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा और धार्मिक महत्व रखने वाले इस क्षेत्र का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सके.

