एक दिन बाद होने है अमेरिका और ईरान के बीच समझौते पर हस्ताक्षर
West Asia Crisis Update (द भारत ख़बर), तेहरान : अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत के बाद जो निष्कर्ष निकला है उसके अनुसार शुक्रवार यानी 19 जून को दोनों देश शांति समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। हालांकि इस समझौते के लिए दोनों ही पक्षों ने अपनी-अपनी तरफ से कुछ शर्तें रखी हैं। कहा जा रहा है कि यदि इन शर्तों पर अंतिम आपसी सहमति न बनी तो समझौते पर हस्ताक्षर नहीं होंगे।
वहीं इसी बीच अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के प्रमुख फातिह बिरोल ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शर्त के फिर से खोलना ऊर्जा संकट को खत्म करने के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि तेल और गैस की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं।
होर्मुज पूरी तरह और बिना शर्त खोला जाए
बिरोल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस समस्या का सबसे जरूरी समाधान होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह और बिना शर्त नौवहन के लिए खोलना है। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध खत्म करने के लिए हुए समझौते में इस जलमार्ग को खोलने की बात शामिल है। लेकिन ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस अहम मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर टोल या ‘सेवा शुल्क’ लगाया जा सकता है।
होर्मुज से आवाजाही में हफ्तों लगेंगे
दूसरी तरफ जापानी कंपनी मित्सुई ओएसके लाइन्स के सीईओ ने एक इंटरव्यू में कहा कि जहाज के मालिक होर्मुज स्ट्रेट से आवाजाही तब तक शुरू नहीं करेंगे, जब तक उन्हें यह भरोसा न हो कि अमेरिका-ईरान शांति समझौता ठोस है। होर्मुज खुलने में कम से कम कुछ हफ्ते या शायद एक महीना भी लग सकता है।
अब तेल बेच सकेगा ईरान
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए तैयार किए गए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होते ही तेहरान को तेल और ईंधन की बिक्री शुरू करने की अनुमति मिल जाएगी। ईरानी तेल बिक्री पर प्रतिबंधों में छूट समझौते पर हस्ताक्षर के साथ ही प्रभावी हो जाएगी। इसके तहत तेल निर्यात को सुगम बनाने के लिए बैंकिंग, परिवहन और बीमा जैसी सेवाओं पर भी राहत दी जाएगी।एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने यह भी कहा कि यह प्रदर्शन-आधारित समझौता है।
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