Sonam Wangchuk Health Update: जाने-माने पर्यावरणविद और सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 19वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। लंबे समय तक भूखे रहने से उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही है। मेडिकल टीम के मुताबिक वांगचुक का वजन 9 किलोग्राम से भी ज्यादा घट चुका है और शरीर में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। डॉक्टर्स ने आशंका जताई है कि अगर भूख हड़ताल आगे भी जारी रहती है तो शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर बुरा असर पड़ सकता है। भूख हड़ताल की वजह से उनके ऑर्गन डैमेज होने का खतरा भी बढ़ रहा है।
वजन 9 किलो से ज्यादा घटा, शुगर लेवल 80 पहुंचा
सोनम वांगचुक की सेहत की जानकारी देते हुए सीनियर जनरल फिजीशियन डॉक्टर सतीश लांबा ने बताया कि फिलहाल सोनम वांगचुक मानसिक रूप से अलर्ट हैं और उनकी हालत मेडिकल निगरानी में स्थिर बनी हुई है। हालांकि लगातार भूख हड़ताल के कारण उनके शरीर में कमजोरी और वजन कम होने के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं। 19वें दिन वांगचुक का वजन सिर्फ 56.9 किलोग्राम रह गया है। अब तक उनका वजन 9 किलोग्राम से ज्यादा घट चुका है। उनकी जांच में ब्लड शुगर लेवल 80 mg/dL, पल्स रेट 72 प्रति मिनट और ब्लड प्रेशर लेटे हुए 105/61 mmHg है। बैठने की स्थिति में उनका ब्लड प्रेशर 101/65 mmHg दर्ज किया गया। डॉक्टर्स ने बताया कि उनकी हाइड्रेशन स्थिति फिलहाल संतोषजनक है।
VIDEO | Delhi: Dr. Satish Lamba, Senior General Physician, gives update on health of Sonam Wangchuk, who has been on a hunger strike at Jantar Mantar since 19 days.
He says, “Today, on the 19th day, I am presenting Sonam Wangchuk’s health bulletin. First, I will discuss the… pic.twitter.com/HXSrcv48VZ
— Press Trust of India (@PTI_News) July 16, 2026
शरीर में बदलाव बढ़ाते हैं ऑर्गन डैमेज का खतरा
मेडिकल टीम ने बताया कि लंबे समय तक भूखे रहने पर शरीर एनर्जी के लिए फैट और मांसपेशियों का इस्तेमाल करने लगता है। इस प्रक्रिया में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ सकता है, जो शरीर में मांसपेशियों के टूटने का संकेत हो सकता है। भूख हड़ताल के अगले चरण में स्थिति गंभीर हो सकती है। अगर शरीर पर ज्यादा दबाव पड़ता है तो इसका असर किडनी, लिवर और अन्य महत्वपूर्ण अंगों पर भी पड़ सकता है। इसी वजह से उनकी 24 घंटे निगरानी की जा रही है और हर मेडिकल पैरामीटर पर नजर रखी जा रही है।
अपील के बावजूद भूख हड़ताल पर अड़े वांगचुक
सोनम वांगचुक से कई राजनीतिक नेताओं, समर्थकों और अन्य लोगों ने भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की है। इसके अलावा कानूनी स्तर पर भी उनसे आंदोलन समाप्त करने की अपील की गई है। हालांकि वांगचुक ने अभी तक अपना अनशन खत्म करने से इनकार किया है। उन्होंने कहा है कि अगर सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया आए बिना वह भूख हड़ताल खत्म करते हैं तो इससे गलत संदेश जाएगा। उनका कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य अपनी मांगों और मुद्दों को सरकार तक मजबूती से पहुंचाना है।

