RIL Q1 Result (द भारत ख़बर), मुंबई : रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। 30 जून को खत्म हुई तिमाही में रिलायंस का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 22.4% गिरकर 20,946 करोड़ रुपये (2.18 अरब डॉलर) हो गया। एनालिस्ट्स ने अनुमान लगाया था कि कंपनी को पहली तिमाही में 185.5 अरब रुपये का मुनाफा हो सकता है, लेकिन नतीजों ने इससे बेहतर प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू 25% बढ़कर 3.11 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया। एक साल पहले की समान तिमाही यानी अप्रैल-जून 2026 में यह 2.48 लाख करोड़ रुपए रहा था।
उम्मीद से बेहतर रहा नतीजा
भारतीय अरबपति मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शुक्रवार को पहली तिमाही के नेट प्रॉफिट के मामले में बाजार की उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन किया। कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल्स, रिटेल और टेलीकॉम बिजनेस के शानदार प्रदर्शन की वजह से यह नतीजे हासिल हुए।
जियोपॉलिटिकल तनाव को पछाड़ा
इन नतीजों से पता चलता है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, जियोपॉलिटिकल तनाव और सप्लाई-चेन में रुकावटों के बावजूद रिलायंस के अलग-अलग तरह के बिजनेस मजबूती से डटे रहे।
तेल, रिफाइनिंग का मुनाफा भी बढ़ा
रिलायंस के तीन मुख्य बिजनेस वर्टिकल में ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस बेहतर हुई। ऑयल-टू-केमिकल्स बिजनेस की कोर अर्निंग्स एक साल पहले के मुकाबले 17.2% बढ़ीं। चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा, “O2C बिजनेस ने तिमाही के दौरान शानदार परफॉर्मेंस दी, जिसमें मिडिल डिस्टिलेट क्रैक के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर और बेहतर डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल डेल्टा का योगदान रहा।”
चुनौतियों का डटकर किया सामना
रिलायंस ने जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता, टैरिफ की धमकियों और एशिया में नई पेट्रोकेमिकल कैपेसिटी को संभावित चुनौतियों के तौर पर चिह्नित किया और कहा कि मार्जिन को सुरक्षित रखने के लिए वह फीडस्टॉक फ्लेक्सिबिलिटी और ऑपरेशनल ऑप्टिमाइजेशन पर निर्भर रहेगी। कंपनी ने बताया कि उसने मिडिल ईस्ट के प्रोड्यूसर्स से कुछ डिस्काउंटेड क्रूड कार्गो खरीदे हैं और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के अंदर के प्रोड्यूसर्स द्वारा पेश किए जा रहे बैरल का मूल्यांकन करना जारी रखेगी।
टेलीकॉम बना ग्रोथ का ड्राइवर
टेलीकॉम बिजनेस, जियो प्लेटफॉर्म्स, ग्रोथ का मुख्य ड्राइवर बना रहा। इसने 15.1% की कोर अर्निंग्स ग्रोथ, 533 मिलियन का मजबूत सब्सक्राइबर बेस और प्रति यूजर 215.6 रुपये का औसत रेवेन्यू दर्ज किया। रिलायंस की ऑपरेटिंग कमाई में डिजिटल सर्विसेज और रिटेल का हिस्सा आधे से ज्यादा रहा। इसके अलावा, FMCG बिजनेस ने तिमाही में 86 अरब रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया, जो एक साल पहले के मुकाबले 2.1% ज्यादा है।

