
फिल्म में भगवान जगन्नाथ को एक कार्टून किरदार के रूप में दिखाया गया है
Jagannath Animated Film Controversy, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने एनिमेटेड फिल्म ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ की रिलीज के विरोध पर सुनवाई करते हुए टिप्पणी की है कि क्या भगवान जगन्नाथ को एनिमेटेड रूप में दिखाने से भक्तों की आस्था कम हो जाएगी। अदालत ने यह भी कहा कि ऐसी मूवी को बच्चे पसंद करेंगे। पुरी मंदिर प्रशासन और ओडिशा सरकार की आपत्तियों पर सुप्रीम कोर्ट में आगे की सुनवाई निर्धारित है।
फिल्म को कार्टून के रूप में दिखाने पर आपत्ति, जस्टिस नागरत्ना बोलीं- एनिमेशन बच्चों को ज्यादा आकर्षित करेगा
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन की ओर से पेश हुए एडवोकेट जनरल पीतांबर आचार्य ने तर्क दिया कि फिल्म में भगवान जगन्नाथ को एक कार्टून किरदार के रूप में दिखाया गया है। हालांकि, बेंच उनके इस तर्क से सहमत नहीं दिखी। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि क्या बच्चों के लिए बनी इस फिल्म के रिलीज होने से भगवान जगन्नाथ के प्रति भक्ति कम हो जाएगी? ऐसा नहीं होगा। आप याचिका का दायरा बढ़ा रहे हैं। फिल्म का प्रदर्शन अलग बात है और एनिमेशन बच्चों को ज्यादा आकर्षित करेगा।
सेंसर बोर्ड के फैसले का इंतजार करने की मांग
ओडिशा सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने फिल्म को लेकर सेंट्रल बोर्ड आॅफ फिल्म सर्टिफिकेशन के सामने अपनी आपत्तियां पहले ही दर्ज करा दी हैं। उन्होंने बेंच से कहा कि फिल्म की रिलीज को तब तक के लिए टाल दिया जाए, जब तक कि प्रमाणन प्राधिकरण इस मुद्दे पर फैसला न ले ले। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण को कोर्ट के पिछले आदेश से बंधा नहीं होना चाहिए। याचिकाकर्ताओं ने फिल्म में भगवान जगन्नाथ के चित्रण पर आपत्ति जताते हुए न्यायिक जांच की मांग की थी।
कल फिर होगी सुनवाई
जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने कहा कि वह ओडिशा सरकार की उन अर्जियों पर 29 जुलाई को सुनवाई करेगी, जिनमें फिल्म की रिलीज को लेकर पहले दिए गए आदेश में बदलाव की मांग की गई है। कोर्ट ने पहले फिल्म को रथयात्रा खत्म होने के बाद रिलीज करने की अनुमति दी थी।
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