Adani Ports Q1 result: भारत में 15 बंदरगाहों का संचालन करने वाली गौतम अडाणी की कंपनी अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) का चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर बढ़कर 10% रहा। कंपनी के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारोबारों के रेवेन्यू और ऑपरेटिंग में जबरदस्त प्रॉफिट से यह मुनाफा हुआ है। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के 3,311 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,650 करोड़ रुपये रहा। मुनाफे से कंपनी के निवेशक गदगद हैं।
रेवेन्यू 19% बढ़ा
इस तिमाही में सालाना आधार पर कंपनी का रेवेन्यू 19% बढ़कर 10,821 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 9,126 करोड़ रुपये था। कंपनी का EBIDTA 19% बढ़कर 6,541 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में 5,495 करोड़ रुपये था। EBIDTA मार्जिन पिछले साल की समान अवधि के 60.2% से मामूली बढ़कर 60.4% रहा।
घरेलू बंदरगाहों की भूमिका अहम
अडाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड ने कहा कि कमाई में घरेलू बंदरगाहों की भूमिका अहम रही और बेहतर कार्गो मिक्स, ज्यादा कमाई और कार्गो वॉल्यूम की वजह से साल दर साल आधार पर रेवेन्यू में 12% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। घरेलू बंदरगाहों ने जून तिमाही में 11.53 करोड़ मीट्रिक टन कार्गो की ढुलाई की। कंपनी का EBIDTA मार्जिन 74% रहा।
सबसे बड़े क्षमता विस्तार पर काम
APSEZ ने कहा कि वह अपने इतिहास के सबसे बड़े बंदरगाह क्षमता विस्तार कार्यक्रमों में से एक पर काम कर रही है। 30 जून, 2026 तक घरेलू बंदरगाह क्षमता 65.3 करोड़ मीट्रिक टन थी और दिसंबर 2030 तक इसे बढ़ाकर 1,00 करोड़ मीट्रिक टन करने का लक्ष्य है। इस तिमाही के दौरान पूरे भारत में कार्गो मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 27.6% थी, जबकि कंटेनर कार्गो मार्केट में हिस्सेदारी 44.8% थी।

