EPFO Fraud: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के साथ एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में दिग्गज टेक कंपनी NOKIA के दो कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। दोनों कर्मचारियों ने फर्जी पीएफ खाते बनाकर EPFO के साथ 19.33 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की।
19.33 करोड़ रुपये डकारे
आरोपियों की पहचान पेरोल क्लस्टर लीज वैभव वर्मा और पेरोल मैनेजमेंट हेड कामराजू मुत्याला के रूप में हुई है। केंद्रीय जांच एजेंसी के मुताबिक, साल 2023-24 के दौरान दोनों ने मिलकर 94 फर्जी EPF खाते बनाए और उनमें 19.33 करोड़ रुपये डाले। प्राथमिकी में अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और कुछ अन्य लोगों को भी फर्जीवाड़े में शामिल होने का आरोपी बनाया गया है।
सरेंडर किया था एक्जेंप्शन स्टेटस
कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम के तहत नोकिया ‘एक्जेंप्टेड एस्टाबलिस्मेंट’ के तौर पर काम करती थी, जिससे कंपनी इन फंड को अपने निजी पीएफ ट्रस्ट के जरिए मैनेज कर सकती है। जुलाई 2023 में इसने एक्जेंप्शन स्टेटस को सरेंडर करने के लिए आवेदन किया था, जिसे मंजूरी दे दी गई थी।
2023 में किया गड़बड़झाला
मंजूरी मिलने के बाद, नोकिया ने सदस्यों की पिछली जमा राशि EPFO को ट्रांसफर कर दी और सितंबर 2023 से एक ‘अन-एक्जेम्प्टेड’ (छूट-रहित) संस्थान के तौर पर काम करना शुरू कर दिया। इस ट्रांसफर के बाद की प्रक्रियाओं के दौरान धोखाधड़ी का मामला सामने आया।
EPFO ने पकड़ा फ्रॉड
EPFO की जोनल फ्रॉड रिस्क मैनेजमेंट कमिटी को बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां मिली हैं और उसने ऐसे 94 फर्जी लाभार्थी अकाउंट्स की पहचान की है, जिन्हें प्रोविडेंट फंड का पेमेंट मिला था।
Nokia ने की आंतरिक जांच
इसके साथ ही नोकिया ने गड़बड़ियों की आंतरिक फोरेंसिक जांच की। जांच में वर्मा और मुत्याला की पहचान उन अधिकारियों के तौर पर की गई जो धोखाधड़ी वाले फंड ट्रांसफर की प्रक्रिया के लिए जिम्मेदार थे।

