नई दिल्ली. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने अमेरिका (USA) के ऑफ स्पिनर बोडुगुम अखिलेश रेड्डी के खिलाफ सख्त एक्शन लिया है. आईसीसी ने इस खिलाड़ी को आठ साल के लिए क्रिकेट के सारे फॉर्मेट से बैन कर दिया है. रेड्डी के खिलाफ मैच फिक्सिंग करने का गंभीर आरोप लगा था. ICC की भ्रष्टाचार निरोधक संहिता (Anti-Corruption Code) उनको तीन मामलों में दोषी पाया गया है.
अमेरिका क्रिकेट टीम की तरफ से खेलने वाले अखिलेश रेड्डी के खिलाफ 2025-26 अबू धाबी टी10 लीग से जुड़े मामले में आईसीसी ने एक्शन लिया है. जानकारी के मुताबिक उन्होंने स्टैलियंस टीम की ओर से दो मुकाबले खेले थे. इस दौरान मैच को फिक्स करने जैसे गंभीर अपराध में अखिलेश को लिप्त पाया गया. जांच के बाद आईसीसी ने 8 साल के लिए उन्हें घरेलू और इंटरनेशनल मुकाबलों में किसी भी फॉर्मेट में खेलने पर पाबंदी लगाने का फैसला लिया.
USA player faces ban for breaching ICC Anti-Corruption Code.https://t.co/47eSuN64mN
— ICC (@ICC) August 3, 2026
आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधक ट्रिब्यूनल ने अखिलेश रेड्डी के खिलाफ लगाए गए तीन आरोपों की जांच की और दोषी पाया. उनके ऊपर मैच के दौरान इसके नतीजे और खेल से जुड़ी बातों को लीक करने का आरोप था. अखिलेश ने मैच के अन्य पहलू को प्रभावित करने की कोशिश की थी. खुद तो मैच को फिक्सिंग की साथ ही दूसरे खिलाड़ी को इसमें शामिल होने के लिए उकसाना और प्रोत्साहित किया. आईसीसी की एंटी करप्शन यूनिट ने जांच के दौरान पाया कि अखिलेश ने मोबाइल फोन से ऐसे डेटा और मैसेज हटाए. उनको मैच फिक्सिंग से जुड़े अहम सबूतों को मिटाने का दोषी पाया गया है.
अखिलेश रेड्डी को 21 नवंबर 2025 में अस्थायी रूप से आईसीसी ने सस्पेंड किया था. जांच में दोषी पाए जाने के बाद आईसीसी ने आठ साल प्रतिबंध लगाया है. अखिलेश के प्रतिबंध की सजा उनको सस्पेंड किए जाने वाले दिन से लागू होगा. उनको साल 2033 तक क्रिकेट के मैदान से दूर रहना होगा. इतनी लंबी अवधी के बाद वापसी किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होती. ऐसे में उनका करियर अब खत्म माना जा रहा है.
26 साल के बी.अखिलेश रेड्डी ने अप्रैल 2025 में अमेरिका के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था. टीम के लिए चार टी20 मुकाबला खेला है. उन्होंने कुल 96 बॉल फेंका है जिसमें 85 रन खर्च किए. अखिलेश रेड्डी के नाम पर एक टी20 इंटरनेशनल विकेट दर्ज है. करियर की शुरुआत में ही मैच फिक्सिंग जैसा बड़ा कलंक उनके नाम पर लग गया. अब उनको अमेरिका की तरफ से खेलने की इजाजत 2033 में मिलेगी.

