गुरुग्राम. हरियाणा का गुरुग्राम शहर अक्सर भारी बारिश में डूब जाता है. लेकिन अब तक प्रशासन जलभराव की काट नहीं खोज पाया है. अब गुरुग्राम पुलिस बेशर्मी देखने को मिली है. यहां पर पुलिस प्रशासन ने एक जलभराव के दौरान पानी में नाव चलाने के लिए एक कंपनी पर जुर्माना ठोक दिया.
कंपनी की हेड प्राची शर्मा ने अब इस पर सवाल उठाए हैं और लिंक्ड-इन पर पोस्ट डाली है. ट्रैफिक पुलिस नियमों के उल्लंघन के आरोप में कंपनी की नाव को सीज कर दिया और 50 हजार रुपये का चालान भी काटा है.
दरअसल, हाल ही में गुरुग्राम में भारी बारिश हुई और फिर कंपनी ने अपने दफ्तर के बाहर नाव उतारी और जिसमें कंपनी के कर्मचारी सवार हुए दिखे. कार्स 24 (Cars 24) कंपनी की ब्रांड कम्युनिकेशन हेड प्राची शर्मा ने लिंक्ड-इन पर जानकारी शेयर की और बताया कि उन पर ₹50,000 रुपये जुर्माना ठोका गया है.
वह लिखती हैं कि पिछले सप्ताह गुरुग्राम में इंटरनेट पर एक तस्वीर वाय़रल हुई और हमारा जुर्म इतना था कि हमने पानी से भरे रोड पर नाव उतारी. क्यों सड़क नदी में तबदील हो गई थी. हमने हालांकि, तंज कसने के लिए कार्स-24 की नाव बारिश के पानी में उतारी थी. पिछले कई साल से यहां पर बाढ़ आ रही है. हमारी नाव के जरिये कई लोग घर तक पहुंचे. हालांकि, यह मजाक बाद में आवाजाही का जरिया बन गया लेकिन हमें इसकी कीमत चुकानी पड़ी.
प्राची कहती हैं कि हम दोबारा कीमत चुकाने के लिए तैयार हैं. अगर हमें दोबारा नाव निकालनी पड़ी तो हम लोगों की मदद करेंगे. अंत में लिखती हैं अब वह किसी ऐसे व्यक्ति के चालान का इंतजार है, जिसे इस पानी के लिए जिम्मेदार ठहराया जाए. सच कहूं तो उम्मीद है कि यह मुद्दा सही लोगों का ध्यान खींचेगा. क्या उनके शहर में भी इसी तरह बाढ़ आती है. दैनिक भास्कर से बातचीत में गुरुग्राम के ACP ट्रैफिक सत्यपाल यादव ने बताया कि यह मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं आया है.
हालांकि प्राची के दावों पर भी लोगों ने कमेंट करते हुए सवाल उठाए और कहा कि क्या कोई प्रमोशन की ट्रिक है. यदि नहीं तो उन्हें चालान की कॉपी भी शेयर करनी चाहिए थी, ताकि पता चल सके कि किस धारा के तहत चालान काटा गया है.