
HC on Golden Temple Gurbani Broadcast: गोल्डन टेंपल से होने वाले गुरबानी प्रसारण को लेकर शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई। कोर्ट ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की उस मांग पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसमें एक निजी टीवी चैनल को स्वर्ण मंदिर से गुरबानी के लाइव प्रसारण या उसके पुनःप्रसारण से रोकने की मांग की गई थी। कोर्ट ने कहा कि अगर गुरबानी का प्रसारण धार्मिक समारोह के लिए और बिना व्यावसायिक इस्तेमाल के किया जा रहा है, तो इसे कॉपीराइट उल्लंघन नहीं माना जा सकता। हालांकि हाईकोर्ट ने अभी अंतिम फैसला नहीं दिया है। मामले में नोटिस जारी किया है और इसकी अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।
SGPC ने कोर्ट में क्या मांग की?
यह मामला शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से दायर कॉपीराइट उल्लंघन की याचिका से जुड़ा है। SGPC ने निजी चैनल गैलेक्टिक टेलीविजन एंड कम्युनिकेशंस (GTC) को स्वर्ण मंदिर से गुरबानी के प्रसारण या दोबारा प्रसारण से रोकने की मांग की थी। SGPC का कहना है कि श्री हरमंदिर साहिब से होने वाले गुरबानी प्रसारण के अधिकार उसके पास हैं। कमेटी ने कोर्ट में तर्क दिया कि GTC उसके आधिकारिक प्रसारण को दोबारा प्रसारित करके उसके ब्रॉडकास्ट रिप्रोडक्शन राइट्स का उल्लंघन कर रहा है। SGPC ने कॉपीराइट एक्ट की धारा 37 का भी हवाला दिया।
चैनल ने हाईकोर्ट में क्या दलील दी?
दूसरी ओर GTC ने कोर्ट के सामने कहा कि उसके प्रसारण का उद्देश्य व्यावसायिक कमाई करना नहीं है। चैनल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पीएस पटवालिया ने दलील दी कि दर्शकों से गुरबानी देखने के लिए कोई पैसा नहीं लिया जा रहा है। चैनल की ओर से यह भी तर्क दिया गया कि धार्मिक समारोह के तौर पर होने वाले गुरबानी प्रसारण को कॉपीराइट कानून के तहत कुछ परिस्थितियों में संरक्षण मिल सकता है।
कोर्ट ने गुरबानी के प्रसारण पर क्या कहा?
जस्टिस अनूप जयराम भंभानी की पीठ ने मामले पर शुरुआती राय देते हुए कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब में मौजूद गुरबानी को साहित्यिक और संगीतात्मक कृति के रूप में देखा जा सकता है। अगर इसे किसी धार्मिक समारोह के दौरान धार्मिक उद्देश्य से प्रस्तुत या प्रसारित किया जाता है और इसका व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं हो रहा है, तो प्रथम दृष्टया यह कॉपीराइट उल्लंघन नहीं हो सकता। कोर्ट ने इसी आधार पर फिलहाल SGPC के पक्ष में कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया। इसका मतलब यह है कि इस चरण पर कोर्ट ने निजी चैनल के प्रसारण को तुरंत रोकने का आदेश नहीं दिया है। हालांकि यह अंतिम फैसला नहीं है और आगे की सुनवाई में कोर्ट पूरे मामले पर विस्तार से विचार करेगा।
गोल्डन टेंपल से गुरबानी का प्रसारण कैसे होता है?
मौजूदा व्यवस्था में SGPC अपने आधिकारिक YouTube चैनल के जरिए श्री हरमंदिर साहिब से गुरबानी का लाइव प्रसारण करती है। इसके अलावा प्रसारण को PTC के जरिए भी टेलीविजन पर दिखाया जाता रहा है। गुरबानी के प्रसारण अधिकारों को लेकर SGPC और निजी प्रसारण संस्थानों के बीच विवाद पिछले कुछ वर्षों से बना हुआ है। 2023 में SGPC ने गुरबानी के प्रसारण के लिए अपना डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया था। इसके बाद कमेटी की ओर से इस बात पर जोर दिया गया कि गुरबानी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए, लेकिन साथ ही प्रसारण अधिकारों पर SGPC का नियंत्रण भी बना रहे।
GTC और SGPC के बीच विवाद कैसे बढ़ा?
हाल के दिनों में GTC ने SGPC की ओर से प्रसारित गुरबानी फीड को दोबारा प्रसारित किया था। SGPC ने इसे अनधिकृत प्रसारण बताते हुए आपत्ति जताई और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। SGPC का कहना रहा कि उसकी अनुमति के बिना कोई निजी चैनल या डिजिटल प्लेटफॉर्म गुरबानी के प्रसारण को री-स्ट्रीम नहीं कर सकता। इस विवाद के बीच GTC ने कुछ समय के लिए प्रसारण रोकने का फैसला भी किया था। चैनल की ओर से कहा गया था कि यह कदम SGPC के प्रति सम्मान के तौर पर उठाया गया है। हालांकि इसके बाद मामला अदालत तक पहुंच गया और अब दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही है।
